
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) रुड़की में एक बुजुर्ग को अपनी ही छत से बेदखल किए जाने का मामला सामने आया, जहां वृद्ध शराफत खान ने पुत्रवधू पर मकान पर कब्जा करने और प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए।

शिकायत मिलने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पुलिस की मौजूदगी में बुजुर्ग को दोबारा उनके घर में प्रवेश दिलाकर इंसाफ दिलाया।

वरिष्ठ अधिवक्ता हिमानी बोहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता शराफत खान ने छह मई को न्यायालय उपजिलाधिकारी रुड़की में एक प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। उन्होंने अपनी पुत्रवधू पर एकमात्र आवासीय मकान पर कब्जा करने और घरेलू सामान को बर्बाद करने का आरोप लगाया था। शराफत खान ने हाथापाई, शारीरिक व मानसिक क्रूरता का भी जिक्र किया जिससे वे अपनी वृद्धावस्था, बीमारी और आय के अभाव के कारण कष्ट में थे। उनके पास रहने और जीवन यापन का कोई साधन नहीं था।

शराफत खान ने अपनी शिकायत में पुत्रवधू द्वारा उन्हें संपत्ति से बेदखल करने के सभी प्रयासों पर रोक लगाने का निवेदन किया था। उन्होंने विपक्षी के जबरन अवैध कब्जे को शीघ्र हटवाने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उचित कानूनी और पुलिस सहायता दिलाने का भी अनुरोध किया था। शराफत खान ने भविष्य में बेदखली, प्रताड़ना, धमकी और जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की थी।
उन्होंने यह भी निर्देश देने का आग्रह किया कि विपक्षी उन्हें पोषण अदा करें। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने शिकायत के आधार पर मौके का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान कोतवाली पुलिस भी उपस्थित थी।
जेएम की पहल पर वरिष्ठ नागरिक को अपने घर से बाहर निकाले जाने के बाद बृहस्पतिवार को घरवालों की सहमति से घर वापसी कराई गई। अधिकारियों ने संबंधित पक्षों को भविष्य में वरिष्ठ नागरिक की सुरक्षा और रखरखाव का पूरी तरीके से ध्यान रखने के निर्देश दिए।



