
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) रुड़की की शक्ति विहार कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार ने अपने 29 वर्षीय बेटे विशाल की मौत को लेकर इंसाफ की लड़ाई तेज कर दी है। करीब 11 महीने पहले गंगनहर से मिले विशाल के शव को पुलिस ने हादसा मानकर मामला बंद कर दिया था।
लेकिन अब मृतक के पिता ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। एसीजेएम रुड़की के आदेश पर पुलिस ने विशाल के तीन दोस्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी है।
मृतक के पिता सरबजीत सिंह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 24 अगस्त 2025 की रात विशाल खाना खाने के बाद अपने दोस्तों संजीत उर्फ डी, विशाल उर्फ सैम्पो और जतिन के साथ घर से निकला था। रात करीब एक बजे विशाल ने अपनी मां को फोन कर कहा था कि उसके साथ कुछ मामला हो गया है और वह थोड़ी देर में घर लौट आएगा। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और परिवार उससे संपर्क नहीं कर सका।

परिजनों के मुताबिक, दो दिन बाद 26 अगस्त को गंगनहर के रेलवे पुल के पास विशाल का शव बरामद हुआ था। पिता का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई गंभीर चोटों के साथ गले पर धारदार हथियार के निशान मिले हैं, जो किसी साधारण हादसे की ओर नहीं बल्कि हत्या की आशंका को मजबूत करते हैं।![]()
सरबजीत सिंह ने आरोप लगाया कि उस समय पुलिस ने मामले को दुर्घटना मानकर गंभीरता से जांच नहीं की। उन्होंने न्यायालय से निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच, मृतक के साथ मौजूद दोस्तों से गहन पूछताछ और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच कराने का अनुरोध किया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



