
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) धनौरी क्षेत्र में सोमवार को एक बेहद चिंताजनक घटना सामने आई, जहां पुरानी गंगनहर के किनारे उगी संदिग्ध जहरीली घास ने दो बेजुबान मवेशियों की जान ले ली, जबकि कई अन्य पशु जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पशुपालकों में दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार धनौरी निवासी रितिक समेत कई पशुपालक रोजाना की तरह अपने मवेशियों को पुरानी गंगनहर किनारे चराने ले गए थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन जैसे ही मवेशियों ने वहां उगी घास खाई, कुछ ही मिनटों में उनकी हालत बिगड़ने लगी। कई पशु बदहवास होकर गंगनहर की ओर दौड़ पड़े, जबकि कुछ अचानक जमीन पर गिरकर तड़पने लगे। देखते ही देखते मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही पशु चिकित्सा विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। हालांकि चिकित्सकों के पहुंचने से पहले ही दो मवेशियों ने दम तोड़ दिया था। इसके बाद गंभीर रूप से बीमार पशुओं का उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों का कहना है कि कई मवेशियों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला जहरीली घास या किसी रासायनिक तत्व से दूषित चारे का माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इस घटना ने पशुपालकों की कमर तोड़ दी है। जिन परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार उनके मवेशी हैं, उनके सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। अपने पशुओं को तड़प-तड़पकर दम तोड़ते देख कई पशुपालकों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरानी गंगनहर किनारे उगी घास की वैज्ञानिक जांच कराने, पूरे क्षेत्र का सर्वे करवाने और प्रभावित पशुपालकों को शीघ्र आर्थिक सहायता एवं मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जहरीले चारे के स्रोत का पता नहीं लगाया गया, तो आने वाले दिनों में और भी पशुओं की जान खतरे में पड़ सकती है।



