
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद राज्य में ‘हलाला’ से जुड़ा पहला मामला सामने आया है।
हरिद्वार जिले के बुग्गावाला थाने में पुलिस ने हलाला के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। यह केस एक महिला की शिकायत पर उसके पति और ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसके बाद से बीजेपी नेताओं का पीड़िता के घर आना-जाना लगा हुआ हैं।
सोमवार को पूर्व मदरसा बोर्ड अध्य्क्ष शमून कासमी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, जिसके बाद उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बीजेपी नेता सुबोध राकेश समेत अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पीड़िता के घर पर पहुंचे।

जहां पर उन्होंने पीड़िता शाहीन से मुलाकात करते हुए उसके साहस को देखते हुए शॉल ओढ़ाकर और फूल मालाओं के साथ उसका सम्मान किया।

इस दौरान वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद राज्य में ‘हलाला’ से जुड़ा पहला मामला सामने आया है, जहां पर पीड़ित बहन और उसके परिवार के साहस दिखाते हुए केस दर्ज कराया है।
उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक और हलाला जैसे तंज महिलाओं को झेलने पड़ते हैं। लेकिन धामी सरकार के यूसीसी कानून के तहत अब ऐसे नापाक हरकत करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही हैं। वही उन्होंने कहा कि हलाला पीड़िता के केस का खर्च वक्फ बोर्ड स्वयं उठाएगा। और महिलाओं के सम्मान में बीजेपी सरकार महिलाओं के साथ खड़ी हैं।

इस दौरान पीड़िता शाहीन ने आपबीती बताते हुए कहा कि वह इस लड़ाई को आखिरी तक लड़ेगी, जिन्होंने ट्रिपल तलाक के बाद हलाला के नाम पर गलत काम कराने की कोशिश की उनको सजा दिलाकर रहूंगी। पीड़िता ने कहा कि जो बहने ये सहन कर रही है। उनको सामने निकलकर आना चाहिए, और धामी सरकार के यूसीसी कानून के तहत सख्त सजा दिलानी चाहिए। इस दौरान अल्पसंख्यक के जिलाध्यक्ष राहुल मुल्तानी, पूर्व राज्यमंत्री सुबोध राकेश,पूर्व जिला पंचायत बरखा रानी, अमरीन राव, विजयपाल समेत अन्य मौजूद रहे।



