
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) रामलीला के मंच पर कलाकार किरदार निभा रहे थे और सामने मैदान दर्शकों से खचाखच भरा था। इसी बीच अचानक बरसे पत्थरों ने पूरे माहौल को दहशत और अफरातफरी में बदल दिया।
बहादराबाद में 128वें श्रीरामलीला वार्षिकोत्सव के दौरान हुए बवाल और पथराव के मामले में अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उपद्रवियों की तलाश तेज कर दी है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर चेहरों की पहचान की जा रही है।
श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष रविंद्र चौहान की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 11 बजे कुछ अज्ञात लोग शिव मंदिर में आयोजित रामलीला स्थल पर पहुंचे और शोर-शराबा करने लगे।
समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उन्हें समझाकर वहां से भेज दिया था। आरोप है कि कुछ देर बाद मामला और बिगड़ गया। वही लोग करीब 25 से 30 अन्य लोगों के साथ दोबारा आयोजन स्थल पर पहुंचे।
गाली-गलौज करते हुए रामलीला बंद कराने की धमकी दी और फिर मंच की ओर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। अचानक हुए पथराव से कलाकारों और दर्शकों में भगदड़ जैसे हालात बन गए। महिलाओं समेत कई लोगों को पत्थर लगने से चोटें आईं और मंचन को भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उपद्रवियों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे भीड़ का फायदा उठाकर भाग निकले। बताया जा रहा है कि घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुई है। अब यही वीडियो और सीसीटीवी फुटेज आरोपियों की पहचान में पुलिस के लिए अहम सुराग बन सकते हैं।
कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



