
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) हरिद्वार विश्वविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रेरणात्मक कार्यक्रम ‘दीक्षारंभ 2026’ का शनिवार को प्रेरणादायक, आध्यात्मिक और कॉरपोरेट सत्रों के साथ भव्य समापन हुआ।
तीन दिनों तक चले कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ जीवन कौशल, व्यक्तित्व विकास, उद्यमिता और उद्योग जगत की बदलती जरूरतों से रूबरू कराया गया।
कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर एवं बेटर लाइफ ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. नवनीत अरोड़ा ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्मबोध और भावनाओं पर नियंत्रण रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही दिशा और सकारात्मक दृष्टिकोण की है।
हरिद्वार विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं इंडोप्लांटेक्स स्पेस वॉल्ट एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ अंकित चौधरी ने स्टार्टअप और उद्यमिता की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को नए विचारों को अवसरों में बदलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए नवाचार के साथ मेहनत, दृढ़ संकल्प और चुनौतियों से लड़ने का जज्बा जरूरी है।
वहीं विप्रो के मानव संसाधन प्रमुख अरविंद चौहान और आईटीसी के मानव संसाधन प्रमुख अल्ताफ हुसैन ने विद्यार्थियों को कॉरपोरेट जगत की अपेक्षाओं से परिचित कराया। विशेषज्ञों ने तकनीकी दक्षता के साथ संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, अनुशासन और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया।
समापन अवसर पर विश्वविद्यालय अध्यक्ष सीए एस.के. गुप्ता ने विद्यार्थियों से तीन दिनों में मिली सीख को केवल कार्यक्रम तक सीमित न रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि असली सफलता तभी है, जब ज्ञान और अनुभव व्यवहार का हिस्सा बनें। उन्होंने विद्यार्थियों को सफल करियर के साथ बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा दी। विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष नमन बंसल ने कहा कि विद्यार्थियों के सपनों को दिशा देने के लिए विश्वविद्यालय निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से शैक्षणिक, कौशल विकास, नवाचार और उद्योगोन्मुख अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।



