
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) उत्तराखंड एसटीएफ ने जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े नकली दवा सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए ऊधमसिंहनगर के बाजपुर में बड़ी कार्रवाई की है।
एसटीएफ कुमाऊं यूनिट, औषधि प्रशासन विभाग, स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने औद्योगिक क्षेत्र स्थित कोविल बायोटैक में छापेमारी कर बिना वैध लाइसेंस के नामी कंपनियों के नाम पर बनाई जा रही नकली एलोपैथिक दवाइयों के अवैध निर्माण का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी धीरेन्द्र पुत्र ब्रह्म सिंह को गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी आयुर्वेदिक एवं फूड लाइसेंस की आड़ में STADMED, Macleods, Intas, Sun Pharma सहित कई प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से नकली जीवनरक्षक दवाइयों का निर्माण कर उन्हें बाजार में सप्लाई कर रहा था। आरोपी की निशानदेही पर हाइवे के समीप स्थित गोदाम की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में तैयार नकली दवाइयां, पैकिंग सामग्री और अवैध अंग्रेजी शराब भी बरामद हुई।
छापेमारी में करीब एक लाख से अधिक टैबलेट और 15 हजार से ज्यादा सिरप की बोतलें बरामद की गईं। इनमें अम्लता, एंटीबायोटिक, दर्द एवं सूजन, नसों के दर्द, प्रोस्टेट, कैल्शियम, विटामिन और आयरन सप्लीमेंट जैसी दवाइयां शामिल हैं, जिनका उपयोग आम मरीजों के इलाज में किया जाता है। इसके अलावा MacDowell No.1 समेत विभिन्न ब्रांडों की 2,648 से अधिक अवैध अल्कोहल की बोतलें, हजारों खाली क्वार्टर, आबकारी होलोग्राम, ढक्कन, रैपर और पैकेजिंग सामग्री भी बरामद हुई।
एसटीएफ को फैक्ट्री से नकली दवाइयों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले एसएस टैंक, फिलिंग मशीन, सीलिंग मशीन, लेबलिंग मशीन सहित कई अत्याधुनिक उपकरण भी मिले हैं। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ हरियाणा से अवैध शराब मंगाकर उत्तराखंड में सप्लाई करता था। आरोपी के खिलाफ थाना बाजपुर में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा उत्तराखंड आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

ASP विवेक कुमार का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और जल्द ही अन्य गिरफ्तारियां भी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ की टीम में….
- निरीक्षक विकास चौधरी
- उप निरीक्षक विपिन चंद्र जोशी
- उप निरीक्षक के.जी. मठपाल
- हेड कांस्टेबल महेंद्र गिरी
- हेड कांस्टेबल रवींद्र सिंह
- हेड कांस्टेबल किशोर कुमार
- कांस्टेबल जितेंद्र कुमार
- किशन चंद्र शर्मा (तकनीकी सहायक)
ड्रग टीम में……
- निरीक्षक नीरज कुमार
- निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट
- निरीक्षक निधि शर्मा
- निरीक्षक सुभम कोटनाला
- निरीक्षक अर्चना उप्पल
पुलिस टीम में…..
- उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह
- उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह मेहता
- कांस्टेबल समीर चौहान
आबकारी टीम.…..
- इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह बिष्ट
- इंस्पेक्टर कृष्ण चंद


