
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) दरगाह साबिर पाक के उर्स/मेले में सफाई व्यवस्था चकाचक रखने के लिए करीब 30 लाख रुपये का ठेका… रकम छोटी नहीं है। उम्मीद थी कि मेला क्षेत्र साफ-सुथरा रहेगा, कूड़ा उठेगा और उसका नियमानुसार निस्तारण होगा।
लेकिन अब देखे तो तस्वीर कुछ ऐसी सामने आई कि उर्स/मेले में सफाई का कूड़ा सड़क पर ही बिखरता नजर आया। वही मेला क्षेत्र से कूड़ा उठाकर उसे कथित तौर पर रुड़की-कलियर मार्ग पर हज हाउस के समीप खुले में डालने का मामला सामने आने के बाद सवाल उठना लाजिमी है?
क्या लाखों रुपये की सफाई व्यवस्था का मतलब सिर्फ कूड़ा एक जगह से उठाकर दूसरी जगह पटक देना है? अगर यही व्यवस्था है तो फिर 30 लाख रुपये का ठेका आखिर किस काम का?
वही जायरीनों और नगरवासियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस मार्ग पर आम लोगों की आवाजाही होती है, वहीं खुले में कूड़ा डाले जाने का आरोप है। ऐसे में सवाल यह भी है कि कूड़ा निस्तारण की जिम्मेदारी किसकी थी और उसकी निगरानी कौन कर रहा था?
मामला अब जिलाधिकारी हरिद्वार की चौखट तक पहुंच चुका है। सभासद नाजिम त्यागी ने हरिद्वार जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की मांग की है। शिकायत में मांग की गई है कि पूरे काम का भौतिक सत्यापन कराया जाए और टेंडर की शर्तों के मुताबिक ठेकेदार ने वास्तव में कितना और कैसा काम किया, इसकी जांच हो।
इतना ही नहीं, जांच पूरी होने तक संबंधित ठेकेदार के भुगतान पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई है। वही उन्होंने पत्र में मांग की हैं कि अगर जांच में लापरवाही, मानकों की अनदेखी या धनराशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ जरूरत पड़ने पर ब्लैकलिस्ट करने की मांग की गई है। सभासद ने उर्स के दौरान सफाई व्यवस्था पर खर्च हुई धनराशि और कराए गए कार्यों का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।



