
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) हरिद्वार के धनोरी इंटर कॉलेज (एनआईसी) का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट की ओर से कॉलेज प्रबंधन पर लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार और जिलाधिकारी हरिद्वार के नाम एक विस्तृत शिकायत शिकायत प्रकोष्ठ में सौंपी गई।
ट्रस्ट के सचिव प्रियांशु काम्बोज के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि कॉलेज से जुड़े कई मामलों में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।

ट्रस्ट के विधि विशेषज्ञ कृष्णकांत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शिकायत में फर्जी सदस्यता और चुनाव कराने, वर्ष 2012 की चतुर्थ श्रेणी नियुक्तियों में कथित गड़बड़ियों, सरकारी धन के दुरुपयोग, महत्वपूर्ण अभिलेखों के गायब होने, ग्राम समाज की भूमि के कथित अवैध विक्रय तथा बिना वैध लीज के सरकारी भूमि पर संस्थान और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने जैसे कई गंभीर आरोप शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि शिकायत के साथ विभागीय पत्राचार, पूर्व जांच रिपोर्टों और अन्य दस्तावेजों का भी उल्लेख किया गया है। उनका कहना है कि पूर्व में भी विभिन्न स्तरों पर जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन मामले में अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए। इसी कारण अब पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एसआईटी और विजिलेंस जांच कराने की मांग उठाई गई है।

शिकायत में वित्तीय लेनदेन का फोरेंसिक ऑडिट, भूमि अभिलेखों की जांच, कथित नियुक्तियों की पड़ताल, संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की गई है। साथ ही जांच पूरी होने तक आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाने का अनुरोध भी किया गया है। इस दौरान शिकायतकर्ता प्रियांशु काम्बोज, राहुल कुमार, दिव्यांशु काम्बोज, नीरज सैनी, राकेश कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



