
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) ज्वालापुर विधानसभा की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। झिवाहेड़ी गांव से डाडापट्टी तक बन रही करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क को लेकर श्रेय लेने की जंग खुलकर सामने आ गई है।
पूर्व राज्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता सुबोध राकेश ने वर्तमान विधायक रवि बहादुर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हमारे प्रस्ताव पर विधायक द्वारा सड़क का फीता काटकर उद्घाटन कर जनता को गुमराह किया जा रहा है और विकास कार्यों का झूठा श्रेय लेने की होड़ मची हुई है।”
शुक्रवार को पूर्व राज्यमंत्री सुबोध राकेश ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के झिवाहेड़ी गांव से डाडापट्टी तक बन रही करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे। जहां पर उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर सड़क का उद्घाटन किया और ग्रामीणों द्वारा फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया।

इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुबोध राकेश ने कहा कि वर्ष 2022 में उनके प्रस्ताव पर झिवाहेड़ी से डाडापट्टी तक करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत कराया गया था। उन्होंने दावा किया कि यह सड़क क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग थी, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों को राहत मिलेगी और गांवों का आवागमन पहले से कहीं अधिक आसान और सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि सड़क बनने से किसानों, छात्रों और आम ग्रामीणों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचेगा।
पूर्व राज्यमंत्री ने विधायक रवि बहादुर पर निशाना साधते हुए कहा, “विधायक रवि बहादुर बड़बोले शब्दों का प्रयोग करते हैं, तो फिर जनता उनका विरोध क्यों कर रही हैं। और तो फिर हमारे प्रस्ताव पर बने कार्य का फीता क्यों काट रहे हैं? हिम्मत है तो अपने प्रस्ताव पर विकास कार्य कराकर दिखाएं।” उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान विधायक पिछले चार साल से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं रहे और अब चुनाव नजदीक आते ही उद्घाटन और फोटो खिंचवाने की राजनीति शुरू कर दी गई है।

सुबोध राकेश ने कहा कि ज्वालापुर विधानसभा की हालत बदहाल होती जा रही है। कई गांव आज भी टूटी सड़कों, जलभराव और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। जनता समस्याओं से परेशान है, लेकिन विधायक सिर्फ श्रेय लेने और प्रचार करने में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता के टैक्स के पैसे से होते हैं, किसी नेता की निजी संपत्ति से नहीं, इसलिए जनता को गुमराह करने की राजनीति बंद होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दिवंगत पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र राकेश के आदर्शों पर चलते हुए हमेशा क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है और आगे भी जनता की आवाज बनकर संघर्ष जारी रखा जाएगा। सड़क निर्माण को लेकर शुरू हुई यह सियासी जंग अब ज्वालापुर की राजनीति में नया मोड़ लेती दिखाई दे रही है।



