
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) हरिद्वार जिले में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है।

पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन के मामलों में चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। वही जांच के दौरान कलियर में एक डॉक्टर की डिग्री फर्जी निकली हैं, फर्जी डॉक्टर के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।
रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अधिनियम का पूरी कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने नए रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण से संबंधित विषय रखे. उन्होंने बताया कि निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रजिस्ट्रेशन के लिए पांच आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से केवल एक को ही मंजूरी दी गई. वहीं चार केंद्रों के रजिस्ट्रेशन निलंबित करने के आदेश भी दिए गए, जहां चिकित्सक नियुक्त नहीं थे।
कलियर में अल्ट्रासाउंड सेंटर के डॉक्टर की डिग्री फर्जी निकली:

सीएमओ आरके सिंह ने बताया कि मानकों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। टीमें बनाकर फिजिकली जांच की जा रही है। जिले में एक अल्ट्रासाउंड सेंटर को सीज किया गया था।

लेकिन फिर भी सील की गई मशीन को गायब कर दिया गया. संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई है। कलियर क्षेत्र में भी एक अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर लाइसेंस निरस्त किया गया है। यहां डॉक्टर की डिग्री ही फर्जी निकली है. जल्द ही डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।



