
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) दरगाह साबिर पाक के सालाना उर्स को लेकर कलियर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा होने और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होने के दावों के बीच बेड़पुर चौक के पास हुई फायरिंग की वारदात ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
भगवानपुर मार्ग स्थित एक ढाबे पर रविवार देर रात चार नकाबपोश बदमाशों ने अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, जबकि हमलावर पुलिस के कथित सुरक्षा घेरे को भेदते हुए मौके से रफूचक्कर हो गए। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जहां फायरिंग हुई।
वहां से महज करीब 100 गज की दूरी पर उर्स की ड्यूटी में पुलिसकर्मी तैनात थे। इसके बावजूद बदमाशों ने बेखौफ होकर हथियार लहराए, अंधाधुंध गोलियां चलाईं और देखते ही देखते फरार हो गए। घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वही 24 घंटे से अधिक का समय बीतने के बाद भी कलियर पुलिस के हाथ खाली हैं। जबकि पुलिस ने शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। ढाबा संचालक के मुताबिक नकाबपोश बदमाशों ने उसे निशाना बनाते हुए करीब छह राउंड फायर किए।
गनीमत रही कि गोलियां उसे नहीं लगीं। सभी फायर दीवार में जा धंसे। वारदात के बाद दीवार पर गोलियों के निशान साफ नजर आ रहे हैं, जो बदमाशों के दुस्साहस की गवाही दे रहे हैं। घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।
नकाबपोश हमलावर कौन थे, कहां से आए और फायरिंग के बाद किस रास्ते से फरार हुए. इन सवालों के जवाब अभी पुलिस की जांच में सामने नहीं आए हैं।
वही पुलिस ने शोयब निवासी बेडपुर की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया हैं। लेकिन इस वरदाता ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि धार्मिक उर्स जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले आयोजन के दौरान पुलिस ड्यूटी से चंद कदम की दूरी पर फायरिंग होना महज वारदात नहीं,
बल्कि सुरक्षा व्यवस्था के दावों के लिए सीधी चुनौती है। फिलहाल पुलिस जांच कर मामले के पटाक्षेप करने में जुटी हुई हैं।



