क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) दरगाह साबिर पाक के सालाना उर्स का आगाज होते ही कलियर में देशभर से आने वाले जायरीनों की आमद बढ़ने लगी है। इसी बीच इस बार दरगाह क्षेत्र में एक ऐसा बदलाव नजर आ रहा है, जिसने उर्स की तैयारियों को नया रंग दे दिया है।
दरगाह कार्यालय की ओर से पहली बार बड़े पैमाने पर करीब 700 बैनर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं। दरगाह की ओर आने-जाने वाले प्रमुख रास्ते अब इन होर्डिंग्स से सजे नजर आ रहे हैं।
दरगाह साबिर पाक के 758वे सालाना उर्स/मेला मेहंदी डोरी की रस्म के साथ शुरू हो गया था। आमतौर पर उर्स के दौरान भीड़, बाजार और रोशनी से गुलजार रहने वाले कलियर में इस बार होर्डिंग्स ने अलग ही तस्वीर पेश की है। दरगाह की ओर बढ़ते ही जगह-जगह लगे बैनर जायरीनों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
दिन में इनकी मौजूदगी रास्तों को एक अलग स्वरूप दे रही है तो रात में रोशनी के बीच इनका नजारा और भी आकर्षक नजर आ रहा है।
दरगाह कार्यालय की ओर से लगाए गए इन होर्डिंग्स का मकसद केवल दरगाह क्षेत्र को सजाना नहीं है। इनके जरिए उर्स में पहुंचने वाले जायरीनों को आवश्यक सूचनाएं और दिशा-निर्देश उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
देश के अलग-अलग हिस्सों से कलियर पहुंचने वाले अकीदतमंदों की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रमुख स्थानों पर सूचना उपलब्ध कराने की यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है। आगामी दिनों में उर्स के दौरान दरगाह क्षेत्र में जायरीनों की भीड़ लगातार बढ़ती नजर आएगी। ऐसे में रास्तों पर लगाए गए सूचना आधारित होर्डिंग्स लोगों को जरूरी जानकारी देने के साथ व्यवस्थाओं को समझने में भी मदद कर सकते हैं।
पहली बार इतने बड़े स्तर पर की गई इस पहल ने उर्स की तैयारियों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। करीब 700 होर्डिंग्स लगाए जाने के बाद दरगाह की ओर जाने वाले मार्गों का स्वरूप बदला हुआ नजर आ रहा है। कलियर पहुंच रहे जायरीनों के बीच भी यह व्यवस्था चर्चा का विषय बनी हुई है।
खास बात यह है कि सजावट के साथ सूचना को जोड़ने की कोशिश की गई है, जिससे उर्स के दौरान बढ़ने वाली भीड़ के बीच अकीदतमंदों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल मेहंदी-डोरी की रस्म के साथ शुरू हुए उर्स में कलियर का माहौल पूरी तरह रूहानी रंग में रंगा है। इसी बीच होर्डिंग्स से सजे रास्ते जायरीनों के इस्तकबाल की एक नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।



