क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स में जायरीनों की सुविधा के लिए तैयार किए जा रहे जर्मन हैंगर में पाइप लगाने के दौरान ऊंचाई से गिरकर 38 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना के बाद अब जर्मन हैंगर निर्माण में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे इंतजाम सवालों के घेरे में आ गए हैं।
बताया गया कि रामाचंद्र (38) निवासी रघुनाथ खेड़ा, थाना बछरावां, जिला रायबरेली, उत्तर प्रदेश जर्मनी हैंगर में पाइप लगाने का काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह काफी ऊंचाई से नीचे जा गिरा। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हादसे के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
कोतवाली प्रभारी कमल मोहन भंडारी ने बताया कि मजदूर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
हादसे ने खोली सुरक्षा इंतजामों की पोल?…….
उर्स के दौरान हजारों जायरीनों की सुविधा के लिए बड़े स्तर पर जर्मन हैंगर तैयार किए जा रहे हैं। ऐसे में ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूर की मौत ने निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सवाल यह भी है कि क्या काम के दौरान मजदूर को आवश्यक सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए गए थे? क्या ऊंचाई पर काम करने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था?



