क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) दरगाह साबिर पाक के सालाना उर्स की रौनक और जायरीनों की भारी भीड़ के बीच सोमवार की देर रात दरगाह पहाड़ी गेट के समीप अजमेरी बाजार में उस समय अफरातफरी मच गई, जब ज्वेलरी की दुकानों में संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
बाजार के बीच उठती आग की ऊंची लपटों और धुएं के गुबार ने आसपास मौजूद दुकानदारों और जायरीनों में दहशत पैदा कर दी। आग इतनी तेजी से बढ़ी कि आसपास की दुकानों के भी इसकी चपेट में आने का खतरा मंडराने लगा।
हालात बिगड़ते देख स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला। लोग बाल्टियों और पानी के अन्य साधनों के साथ आग बुझाने में जुट गए। इस दौरान पुलिस को भी सूचना दी गई। आग की भयावहता को देखते हुए बाजार में मौजूद लोगों की भीड़ घटनास्थल की ओर उमड़ पड़ी, जिससे कुछ देर के लिए वहां भगदड़ जैसे हालात बनने लगे।
दमकल के इंतजार में बढ़ती रही आग की लपटें……
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग लगने की सूचना तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को दी गई थी, लेकिन दमकल की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 20 मिनट लग गए। इस दौरान आग लगातार फैलती रही। ज्वेलरी की दुकानों से उठती लपटों को देखकर दुकानदारों की सांसें अटक गईं और आसपास की दुकानों में मौजूद लोग अपना सामान सुरक्षित करने में जुट गए.
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि दमकल की टीम समय रहते पहुंच जाती तो आग को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित करने में मदद मिल सकती थी। हालांकि, आग की वास्तविक स्थिति और दमकल के पहुंचने में लगे समय की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मौके पर पहुंचे कोतवाल, संभाला मोर्चा…..
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और आग बुझाने के प्रयासों में सहयोग किया। करीब 20 मिनट बाद दमकल टीम के पहुंचने पर आग पर काबू पाने की कार्रवाई तेज की गई। काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया गया, जिसके बाद आसपास के दुकानदारों और लोगों ने राहत की सांस ली।
उर्स के बीच बाजार में आग ने बढ़ाई चिंता……
साबिर पाक के सालाना उर्स के चलते इन दिनों पिरान कलियर में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंच रहे हैं। दिन-रात बाजारों और दरगाह क्षेत्र में भारी भीड़ बनी हुई है। ऐसे संवेदनशील समय में मुख्य बाजार के भीतर आग लगने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आग कुछ और देर तक बेकाबू रहती और आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लेती तो भारी भीड़ के बीच स्थिति कितनी भयावह हो सकती थी। संकरी गलियों और बाजार में मौजूद जायरीनों की भीड़ के बीच आग की घटना किसी बड़े हादसे का रूप ले सकती थी।
आग कैसे लगी, जांच के बाद खुलेगा राज….
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। आग शॉर्ट सर्किट से लगी, किसी अन्य वजह से या इसके पीछे कोई और कारण रहा, यह जांच के बाद ही साफ होगा। वहीं ज्वेलरी की दुकानों में आग से कितना आर्थिक नुकसान हुआ है, इसका भी आकलन किया जा रहा है।



