
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर सियासी माहौल गर्माता जा रहा है। जस्सावाला गांव के कई ग्रामीणों ने मौजूदा विधायक रवि बहादुर के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में विकास की रफ्तार पूरी तरह थम गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर के कार्यकाल में जिस गति से सड़कें बनीं, नालियों का निर्माण हुआ और मंदिरों सहित सार्वजनिक स्थलों का विकास हुआ, वैसी तस्वीर अब दिखाई नहीं दे रही है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्तमान समय में कई गांवों की सड़कें बदहाल हैं, मुख्य संपर्क भी अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है। नालियों का निर्माण अधूरा पड़ा है और धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण व मरम्मत जैसे कार्य भी ठप हैं। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधि से कई बार मांग करने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है।

ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि क्षेत्र में पहले की तुलना में विकास कार्य “जीरो” नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधि की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन धरातल पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही विकास कार्यों में तेजी नहीं लाई गई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

वहीं ग्रामीणों ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उस दौरान सड़क, नाली, पेयजल और धार्मिक स्थलों के विकास पर लगातार काम हुआ था, जिसका लाभ आज भी लोगों को मिल रहा हैं। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी एक बार फिर पूर्व विधायक सुरेश राठौर पर मैदान में उतारती है। तो विधानसभा का हर एक गांव और समाज के लोग उनके विकास कार्यों को देखते हुए कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े हैं।


