
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) आज के दौर में सिर्फ डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उद्योग की जरूरतों के मुताबिक कौशल और व्यावहारिक अनुभव होना भी उतना ही जरूरी है।
इसी सोच को जमीन पर उतारते हुए हरिद्वार विश्वविद्यालय ने इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सेतु तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
इस साझेदारी का सीधा लाभ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को मिलने वाला है। अब छात्रों को कक्षा और किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप, औद्योगिक भ्रमण, लाइव प्रोजेक्ट और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से जोड़ने पर जोर रहेगा। साथ ही रोजगार और प्लेसमेंट के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय और IIA की यह पहल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगी। नवाचार, उद्यमिता और रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों को बदलती औद्योगिक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा। यानी कैंपस में तैयार होने वाली प्रतिभा और उद्योगों की जरूरत के बीच की दूरी को कम करने की कोशिश होगी।
इसी अवसर पर विश्वविद्यालय के नवनिर्मित अत्याधुनिक Multipurpose Dome ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। आधुनिक सुविधाओं से विकसित यह डोम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, उद्योग-अकादमिक संवाद, दीक्षांत समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और तकनीकी आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
वहीं IIA देश के प्रमुख MSME उद्योग संगठनों में शामिल है। वर्ष 1985 से उद्योग जगत के हितों के लिए कार्य कर रहा यह संगठन उद्योगों और सरकार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाता है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में इसके 50 से अधिक चैप्टर और करीब 16 हजार से अधिक MSME सदस्यों का नेटवर्क बताया जाता है।हरिद्वार विश्वविद्यालय और IIA का यह MoU शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।



