
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में कथित अनियमितताओं को लेकर हरिद्वार में एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। समाजसेवी राव सुहैल, निवासी गढ़मीरपुर, ने जिलाधिकारी हरिद्वार और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को शिकायती पत्र सौंपकर योजना के तहत जारी की गई आवास सूची की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम प्रधान गढ़ ब्लॉक बहादराबाद और ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) की कथित मिलीभगत से पात्र परिवारों के नाम सूची से हटाकर उनकी जगह अपात्र लोगों के नाम शामिल कर दिए गए हैं।

राव सुहैल का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, लेकिन गांव में इस योजना की मूल भावना के विपरीत कार्य किए जाने का आरोप है।

उनका दावा है कि कई ऐसे गरीब और जरूरतमंद परिवार, जो योजना की सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, उन्हें सूची से बाहर कर दिया गया, जबकि आर्थिक रूप से सक्षम लोगों के नाम सूची में शामिल कर दिए गए।
शिकायत पत्र में मांग की गई है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और आवास योजना के लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन कराया जाए। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो दोषी अधिकारियों और संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी गरीब का हक न छीना जा सके।
राव सुहैल ने कहा कि सरकारी योजनाएं जनता के हित के लिए बनाई जाती हैं और इनमें किसी भी प्रकार की धांधली या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जांच पूरी होने तक विवादित सूची पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए वास्तविक पात्र परिवारों को न्याय दिलाया जाए। अब यह मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रधानमंत्री आवास योजना के चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।



