
क्लिक उत्तराखंड:-(ब्यूरो) उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हरिद्वार जिले के थाना भगवानपुर से जुड़े कथित अवैध हिरासत एवं झूठे मुकदमे में फंसाने के आरोपों के मामले को गंभीरता से लेते हुए हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को विस्तृत जांच कर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने जांच रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 20 जुलाई 2026 की तिथि निर्धारित की है।
मामला उस समय प्रकाश में आया जब बिनारसी गांव निवासी दिनेश कुमार कानूनी मार्गदर्शन के लिए लॉ एण्ड जस्टिस सोसाइटी के सदस्य कृष्णकांत के कार्यालय पहुँचे थे। जिसके बाद याचिकाकर्ता पक्ष ने अपने भाई अवनेश उर्फ हनुमान के संबंध में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 1 फरवरी 2026 को पुलिस ने अवनेश को उसके घर से हिरासत में लिया, जबकि उस समय उसके विरुद्ध कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं थी। बाद में 2 फरवरी 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया। ![]()
याचिका में दावा किया गया है कि अवनेश को 1 फरवरी से 4 फरवरी तक पुलिस हिरासत में रखा गया तथा निर्धारित 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया। साथ ही हिरासत के दौरान मारपीट, मानसिक उत्पीड़न एवं जातिसूचक टिप्पणियां किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रविंद्र मैथानी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ में हुई। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने थाना भगवानपुर के CCTV फुटेज को महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मानते हुए संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा। राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि संबंधित अवधि में CCTV कैमरे कार्य नहीं कर रहे थे। न्यायालय द्वारा बैकअप रिकॉर्ड के संबंध में पूछे जाने पर यह भी अवगत कराया गया कि सर्वर, हार्ड डिस्क, क्लाउड अथवा अन्य किसी माध्यम में भी कोई बैकअप उपलब्ध नहीं है।

न्यायालय ने इस तथ्य को गंभीरता से लिया कि जिस अवधि को लेकर अवैध हिरासत के आरोप लगाए गए हैं, उसी अवधि का CCTV रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। याचिकाकर्ता का कहना है कि थाने के मुख्य द्वार, लॉकअप, पूछताछ कक्ष और अन्य स्थानों के CCTV फुटेज मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकते थे, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने SSP हरिद्वार को पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वही कोर्ट ने मामले में 20 जुलाई की तिथि निर्धारित की हैं।
क्या था घटनाक्रम?…….
हरिद्वार जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के बिनारसी गांव में 1 फरवरी को संत रविदास जयंती के मौके पर शोभायात्रा के दौरान दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया था।

इस घटना में फायरिंग और पथराव में आनंद पुत्र लक्ष्मीकांत और मांगेराम की मौत हो हुई थी वहीं, कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

जिसके बाद तत्कालीन एसएसपी ने एक्शन लेते हुए लापरवाही बरतने वाले तेज्जुपुर चौकी इंचार्ज समेत 3 पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया था। वही पुलिस ने कार्यवाही करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार भी किया था।



