
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) धर्म और इंसानियत को झकझोर देने वाला एक मामला हरिद्वार में चर्चा का विषय बन गया है। शहर के एक धार्मिक स्थल से सामने आए वायरल वीडियो ने पशु प्रेमियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
आरोप है कि गाय का दूध निकालने के लिए बछड़े को केवल कुछ क्षणों के लिए मां के पास छोड़ा जाता है और फिर उसे अलग कर अधिकांश दूध निकाल लिया जाता है। पशु प्रेमियों का दावा है कि इसी वजह से बछड़ा पर्याप्त दूध नहीं पी पा रहा और उसकी हालत लगातार कमजोर होती जा रही है।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। पशु संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं, तो यह केवल पशु क्रूरता का मामला नहीं बल्कि बेजुबान जीव के अधिकारों के साथ गंभीर अन्याय है। उनका कहना है कि जिस स्थान से दया, सेवा और करुणा का संदेश जाना चाहिए, वहां यदि एक मासूम बछड़े को उसके हिस्से का दूध नहीं मिल रहा है तो यह बेहद चिंताजनक है।
मामले को लेकर अन्नू अरोड़ा, आशुतोष, मेघा, शांता समेत कई पशु प्रेमी ज्वालापुर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में मांग की गई है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए, बछड़े का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाए और उसकी वर्तमान स्थिति की निगरानी की जाए। साथ ही नगर आयुक्त को भी ज्ञापन देकर संबंधित तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की गई है।
पशु प्रेमियों का कहना है कि बेजुबान पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या कथित शोषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पशु संरक्षण कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बछड़े को पर्याप्त दूध, पोषण और उचित देखभाल मिले।



