उत्तराखंडक्राइमदेश-विदेशपर्यटनमनोरंजनराजनीतिरुड़कीवीडियोशिक्षास्वास्थ्यहरिद्वार

विदेशी समेत 32 पर्यटकों से भरी बस धू-धूकर जली:

मंजर देख कांप उठे लोग, जान जोखिम में डालकर चौकी इंचार्ज ने पर्यटकों को सकुशल निकाला बाहर......(देखिए वीडियो)

खबर को सुनिए

क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) जाको राखे साइयाँ, मारि सकै न कोय, बाल न बाँका करि सकै, जो जग बैरी होय” — यह कहावत बहादराबाद क्षेत्र में देर रात घटी एक भयावह घटना पर बिल्कुल सटीक साबित हुई।

शांतरशाह चौकी से महज कुछ कदम की दूरी पर विदेशी पर्यटकों समेत 32 यात्रियों को लेकर जा रही एक बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते बस आग के गोले में तब्दील हो गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास मौजूद लोगों की सांसें थम गईं और सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस हरिद्वार से जयपुर जा रही थी। जैसे ही बस बहादराबाद कोतवाली क्षेत्र के शांतरशाह चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर क्रिस्टल वर्ल्ड के पास पहुंची तो अचानक से बस में धुआं उठने लगा, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।

बस में सवार पर्यटकों में विदेशी नागरिक भी शामिल थे, जो इस हादसे से घबरा गए। कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए चीख-पुकार करने लगे।

घटना की सूचना मिलते ही शांतरशाह चौकी प्रभारी उमेश कुमार लोधी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना जलती हुई बस के अंदर प्रवेश किया और एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया।

आग की विकराल लपटों और धुएं के बीच उनका यह साहसिक कदम किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। उनकी तत्परता और बहादुरी के चलते बस में सवार सभी 32 यात्रियों की जान बच गई।

इसके साथ ही पुलिस ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

सुरक्षित बाहर निकाले गए पर्यटकों ने चौकी प्रभारी उमेश कुमार लोधी और पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया वही स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता और बहादुरी की जमकर सराहना की। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में पुलिस के जांबाज अधिकारी आम लोगों के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं होते। इस दौरान उप निरीक्षक करम सिंह चौहान, कांस्टेबल शाह आलम, पीआरडी अभिषेक ने अपनी पूरी भूमिका निभाई हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!