
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स में मंगलवार की देर रात उस वक्त सियासी रंग भी देखने को मिला, जब भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर बासित अली अपने समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कलियर पहुंचे।
उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ दरगाह साबिर पाक में अकीदत के साथ चादरपोशी की और देश में अमन, चैन, खुशहाली तथा भाईचारे की दुआ मांगी।
कलियर पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने कुंवर बासित अली का स्वागत किया। इसके बाद वह दरगाह साबिर पाक पहुंचे, जहां उन्होंने फूलों की चादर पेश कर अकीदत का इजहार किया। उर्स के दौरान दरगाह परिसर में बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद रहे। ऐसे में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की चादरपोशी को लेकर समर्थकों में भी खासा उत्साह नजर आया।
2011 में थामा था भाजपा का दामन…….
कुंवर बासित अली की राजनीतिक यात्रा पर नजर डालें तो उन्होंने वर्ष 2011 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। खास बात यह है कि उनके राजनीतिक सफर की पृष्ठभूमि भाजपा से अलग रही है। उनके पिता हामिद अली उस समय बहुजन समाज पार्टी से जुड़े हुए थे और गांव के प्रधान भी रहे।
इसके बावजूद बासित अली ने अपनी अलग राजनीतिक राह चुनी और भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाते हुए संगठन में लगातार अपनी जगह मजबूत की। समय के साथ पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता और अल्पसंख्यक समाज के बीच पकड़ बढ़ती गई। अब भाजपा ने उन्हें अल्पसंख्यक मोर्चे की राष्ट्रीय जिम्मेदारी सौंपी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद कलियर की धरती पर उनका पहुंचना और साबिर पाक में चादरपोशी करना स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना रहा।
साबिर पाक की दरगाह से दिया भाईचारे का पैगाम…….
चादरपोशी के दौरान अल्पसंख्यक मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवनियुक्त कुंवर बासित अली ने कहा कि साबिर पाक की दरगाह देश की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की मिसाल है। यहां हर वर्ग और समुदाय के लोग अकीदत लेकर पहुंचते हैं। उन्होंने देश में शांति, तरक्की और आपसी सौहार्द कायम रहने की दुआ की। और साबिर पाक चौखट पर रूहानी सुकून और नई जिम्मेदारी की शुरुआत दुआओ के साथ करना भावुक और यादगार पल रहा हैं।



