
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) बहादराबाद कोतवाली पुलिस ने एक ऐसे सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है, जिसने प्यार, धोखे, ब्लैकमेल और खूनी इंतकाम की पूरी कहानी को बेनकाब कर दिया।
कई दिनों तक पुलिस के लिए पहेली बने इस ब्लाइंड मर्डर केस में आखिरकार बहादराबाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठा दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गिरफ्तार हत्यारोपी पहले भी हत्या के एक मामले में जेल की हवा खा चुका है।
क्या था मामला?…….

24 जुलाई को अलीपुर निवासी मोमिन ने अपनी बेटी शहनुमा की हत्या का आरोप गांव के ही नावेद और उसके परिजनों पर लगाते हुए बहादराबाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। मामला बेहद पेचीदा था। न कोई शव, न कोई प्रत्यक्षदर्शी और न ही हत्या की स्पष्ट जगह। आरोपी भी वारदात के बाद फरार हो चुका था, जिससे पुलिस के सामने यह केस किसी चुनौती से कम नहीं था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के सख्त निर्देश पर एसपी सिटी और सीओ ज्वालापुर की निगरानी में बहादराबाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, मुखबिर तंत्र और लगातार की गई पूछताछ के दम पर जांच की हर कड़ी को जोड़ना शुरू किया।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने आखिरकार 27 जुलाई को मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने मंगलौर क्षेत्र के भगवानपुर चंदनपुर गांव से मुख्य आरोपी नावेद को दबोच लिया।
पुलिस पूछताछ में हत्यारोपी ने कुबूल किया गुनाह…..
पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। हत्यारोपी ने बताया कि शहनुमा के साथ उसका प्रेम संबंध था, लेकिन समय के साथ यह रिश्ता विवाद, अविश्वास और धमकियों में बदल गया।
एक पारिवारिक शादी में डीजे पर डांस को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि दोनों के बीच गाली-गलौज और रिश्ता टूटने तक की नौबत आ गई। आरोपी का दावा है कि मृतका उसकी मां और बहन को अपशब्द कहती थी, उसे कानूनी मामलों में फंसाने और निजी तस्वीरों के जरिए बदनाम करने की धमकी देती थी। इसी रंजिश ने उसके भीतर हत्या की साजिश को जन्म दिया।
योजना के तहत आरोपी शहनुमा को कलियर ले गया, जहां दोनों एक होटल में रुके। अगली सुबह सुनसान इलाके में ले जाकर उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के इरादे से शव को गंगनहर में फेंक दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वह ऐसे गांव लौट आया, मानो कुछ हुआ ही न हो।

हालांकि, बहादराबाद पुलिस की लगातार पड़ताल ने उसके इस छलावे को ज्यादा दिन तक टिकने नहीं दिया। सख्ती से पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन और आधार कार्ड भी बरामद कर लिया गया। वही पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर शव और अन्य साक्ष्यों जुटाए हैं।बहादराबाद पुलिस की सूझबूझ, तकनीकी जांच और लगातार की गई मेहनत ने इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का आखिरकार अंत कर दिया। गिरफ्तार आरोपी नावेद का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। हत्यारोपी पूर्व में भी हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है।
हत्यारोपी नावेद ने मई 2020 में भी बेइज्जती का बदला लेने के लिए गोली मारकर थी आरिफ की हत्या…..
साल मई 2020 में अलीपुर स्थित बाग में हत्यारोपी नावेद ने पिता की बेइज्जती का बदला लेने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर आरिफ नाम के एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या की थी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल जाने के बाद हत्यारोपी नावेद कोर्ट से जमानत पर बाहर आया हुआ था, अब उसने प्रेम प्रसंग के चलते हुए प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस टीम में…..
- वरिष्ठ उप निरीक्षक मनोज गैरोला
- उप निरीक्षक विकास रावत
- उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज
- कांस्टेबल बलवन्त सिंह
- कॉन्स्टेबल अरुण चमोली
- कांस्टेबल विकास थापा
- कांस्टेबल सतेन्द्र चौधरी
- कांस्टेबल (सीआईयू) वसीम



