
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) उत्तराखंड के शहरी विकास विभाग में अधिशासी अधिकारियों (EO) की तैनाती को लेकर मचा सियासी और प्रशासनिक घमासान आखिरकार सरकार के बड़े यू-टर्न के साथ थम गया।
17 जुलाई को जारी 34 अधिशासी अधिकारियों और प्रभारी अधिशासी अधिकारियों के स्थानांतरण आदेशों को शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। 25 जुलाई को जारी इस आदेश के बाद पूरे विभाग में हलचल तेज हो गई है।![]()
दरअसल, शहरी विकास निदेशालय ने हाल ही में नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में कार्यरत क्लर्क, कर निरीक्षक, टैक्स कर्मचारी, लेखा कर्मचारी और सफाई निरीक्षकों को प्रभारी अधिशासी अधिकारी (EO) की जिम्मेदारी सौंप दी थी। जैसे ही यह आदेश सार्वजनिक हुए, विभागीय नियमों, पात्रता और नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे। आरोप लगने लगे कि बिना निर्धारित प्रक्रिया के महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
बढ़ते विवाद और तीखी प्रतिक्रियाओं के बीच आखिरकार सरकार को अपने ही फैसले पर पीछे हटना पड़ा। शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए 17 जुलाई को जारी सभी 34 स्थानांतरण और प्रभारी तैनाती आदेश तत्काल प्रभाव से रद्द करने के निर्देश दिए। साथ ही शहरी विकास सचिव को नए आदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट करने और नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।सरकार के इस फैसले को शहरी विकास विभाग का सबसे बड़ा प्रशासनिक यू-टर्न माना जा रहा है।



