
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) पिरान कलियर स्थित दरगाह साबिर पाक में एक नया प्रशासनिक विवाद सामने आया है। दरगाह प्रबंधन ने अपने ही तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब तलब किया है। मामला बिना अनुमति के ‘ कथिक अंजुमन ए खुद्दाम ए आस्ताना साबिर पाक’ के नाम से समिति का पंजीकरण कराने और दरगाह के नाम के इस्तेमाल से जुड़ा है, जिसे लेकर प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाया है।

तहसीलदार रुड़की एवं दरगाह प्रबंधक विकास अवस्थी की ओर से जारी नोटिस में कर्मचारी मुनीश अहमद, गुलाम दस्तगीर और सलीम अहमद साबरी से अलग-अलग स्पष्टीकरण मांगा गया है। आरोप है कि तीनों ने बिना किसी प्रशासनिक या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति लिए समिति का गठन एवं पंजीकरण कराया। समिति में मुनीश अहमद को उपाध्यक्ष, गुलाम दस्तगीर को सचिव और सलीम अहमद साबरी को अध्यक्ष बनाया गया है।
नोटिस में स्पष्ट सवाल उठाया गया है कि आखिर समिति का पंजीकरण कराने से पहले दरगाह प्रबंधन या प्रशासन से अनुमति क्यों नहीं ली गई? साथ ही यह भी पूछा गया है कि दरगाह साबिर पाक के नाम का उपयोग करने की स्वीकृति किस अधिकारी से प्राप्त की गई थी।
दरगाह प्रबंधन का कहना है कि किसी भी निजी समिति द्वारा दरगाह के नाम का इस्तेमाल किए जाने से भविष्य में आर्थिक और प्रशासनिक जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। इतना ही नहीं, चूंकि तीनों संबंधित व्यक्ति दरगाह के कर्मचारी हैं, इसलिए उनके इस कदम से संस्था की साख और छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। प्रबंधन ने नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर यदि संतोषजनक और तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो नियमानुसार विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



