
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) ग्राम पंचायत धनौरी में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) से जुड़ी विभागीय जांच को प्रभावित करने और जांच कर रही महिला अधिकारियों को कथित रूप से डराने-धमकाने का गंभीर मामला सामने आया है।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी काजल ने शिकायती पत्र देकर अर्जुन सिंह, जैनिश सैनी, दीपक सैनी और दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर पीछा करने, बिना अनुमति फोटो खींचने और जांच रिपोर्ट मनमाफिक तैयार कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
शिकायत के मुताबिक सक्षम अधिकारी के निर्देश पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी काजल और सहायक समाज कल्याण अधिकारी संध्या शर्मा 24 अगस्त को धनौरी में PMAY-G से संबंधित स्थलीय जांच के लिए पहुंची थीं।
आरोप है कि जांच में शामिल होने के लिए अर्जुन सिंह से संपर्क किया गया, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुए। इसके बावजूद जांच के दौरान और उसके बाद कथित रूप से दोनों महिला अधिकारियों का पीछा किया गया और उनकी जानकारी व अनुमति के बिना तस्वीरें खींची गईं।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी काजल ने आरोप लगाया कि राजकीय कार्यों के सिलसिले में धनौरी आने के दौरान भी उन्हें कथित तौर पर डराने और काम में व्यवधान डालने की कोशिश की जाती रही।
शिकायत में धमकी भरे शब्दों का भी उल्लेख किया गया है। मामला तब और गंभीर हो गया जब 28 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे जैनिश सैनी, दीपक सैनी और दो अन्य व्यक्ति खंड विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे।
आरोप है कि उन्होंने सहायक समाज कल्याण अधिकारी संध्या शर्मा के कार्यालय कक्ष में मोबाइल पर दोनों अधिकारियों की तस्वीरें दिखाईं और जांच उनकी मर्जी के अनुसार करने का दबाव बनाया। शिकायत में आरोप है कि मनमाफिक रिपोर्ट तैयार नहीं करने पर “अंजाम अच्छा नहीं होगा” जैसी धमकी भी दी गई।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी काजल ने पूरे घटनाक्रम से अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही कहा है कि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो शिकायत में बताए गए लोगों की भूमिका की जांच की जाए। कलियर पुलिस ने शिकायत के आधार पर अर्जुन सिंह, जैनिश सैनी, दीपक सैनी और दो अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी हैं।



