
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) पुलिस की लाख सख्ती और ड्रग माफियाओं पर मुख्यमंत्री के आदेश पर चलाए जा रहे अभियान के बावजूद नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री रुकने का नाम नहीं ले रही है।
बहादराबाद कोतवाली पुलिस ने सोमवार की देर शाम गश्त के दौरान नशे के दो सौदागरों को गिरफ्तार किया हैं। इनके पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं। पकड़े गए दोनों तस्कर हरिद्वार के ही रहने वाले हैं। गिरफ्तार नशा तस्कर में एक पेशे से मेडिकल संचालक भी है।
बड़ी संख्या में नशीली और प्रतिबंधित दवाएं बरामद::
मुख्यमंत्री के उत्तराखंड में “ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन अभियान के तहत पूरे प्रदेश में आए दिन प्रतिबंधित दवाएं पकड़ी जा रही हैं. इसके बाद भी इन प्रतिबंधित दवाओं के व्यापारी दवा की खेप इधर से उधर पहुंचाने में लगे हुए हैं।

इसी क्रम में एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने नशीली दवाइयों की खरीद-फ़रोत के खिलाफ कड़े दिशा-निर्देशों दिए हैं।

उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह सख्त रुख अख्तियार किए हुए हैं।

इस कड़ी में उप निरीक्षक विकास रावत मय पुलिस टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे इसी दौरान उनकी नजर नहर किनारे झाड़ियों के पीछे संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी कार पर पड़ी। जिसके बाद पुलिस टीम को मौके पर आता देख दो व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगे।
पुलिस टीम ने घेरा-बंदी कर दोनों तस्करों को मौके से पकड़ लिया। तलाशी के दौरान तस्करों की कार से 480 ट्रामाडोल कैप्सूल, 1200 एलप्परा जोलम टेबलेट और नगदी बरामद हुई। पूछताछ में इन तस्करों ने अपना इस्लाम उम्र 33 वर्ष और सद्दाम उम्र 22 वर्ष निवासी गढ़ थाना रानीपुर बताया, उन्होंने पूछताछ में बताया कि मेरा यानि इस्लाम का गढ़मीरपुर गांव में मेडिकल हैं, जिस पर प्रतिबंधित दवाईयां और इंजेक्शन बेचता हूं।
पकड़ी गई प्रतिबंधित दवाइयां और कैप्सूल को वह अपने साथी सद्दाम के साथ मिलकर कार से औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में बेचने के लिए जा रहा था। आरोपित तस्करों ने जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि जिस कार से वह तस्करी कर रहे थे वह कार उसके भाई को शादी में गिफ्ट की गई थी, जोकि प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी में प्रयोग करते थे। पुलिस ने दोनों तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया हैं।
पुलिस टीम में………
- उप निरीक्षक विकास रावत
- कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह
- कांस्टेबल सतेंद्र सिंह
- कांस्टेबल बलवंत सिंह



