
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) अवैध खनन को लेकर अफ़सरशाही अक्सर सवालों के घेरे में होते हैं। नई खनन नियमावली के अनुसार अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए कलियर में जगह-जगह चेक पोस्ट स्थापित किए गए।

लेकिन ये चेक पोस्ट मात्र शो पीस बने हुए है। क्योंकि कलियर में रमन्नो की आड में अवैध खनन का काला कारोबार धड़ल्ले से जारी हैं। जिसके चलते हुए कलियर में अवैध खनन और ओवरलोड डंपरों को लेकर कई बार स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर अपना एतराज जताया था।

इसके बावजूद भी अवैध खनन पर विभागीय अधिकारी आंखें बंद कर पूरे खेल को अंजाम दिला रहे हैं। वही RTO विभाग भी खनन माफियाओं के सामने नतमस्तक है।
रमन्नो की आड में अवैध खनन का खेल: 18 टन पर 22 टन भारी, ओवर बॉडी के डंपरों पर भी कोई रोकटोक नहीं….
हाल के दिनों में खनन का गढ़ बने पिरान कलियर क्षेत्र में खनन विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की जान की अनदेखी करते हुए कई मिट्टी उठान की परमिशन दी हैं। जिनमें मिट्टी ठेकदारों ने दर्जनों डंपरों को मिट्टी उठाने के कार्य में लगाया हुआ हैं।
जिनमें से कुछ डंपर ऐसे हैं, जिनकी बॉडी को वेल्डिंग कराकर ओवर बॉडी बनाया गया हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि माइनिंग चेक पोस्ट अधिकारी रमन्ना होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।

विभागीय सूत्रों के अनुसार सभी खनन ठेकदारों को 18 टन का रमन्ना काटने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जबकि उन डंपरों में 22 टन से लेकर 29 या 30 टन तक ओवर लोड मिट्टी भरी जाती है।
इसके बावजूद भी खनन अधिकारी कुंभकर्ण की नींद सोया हुआ हैं।वही प्रशासनिक अधिकारी, खनन अधिकारी या RTO विभाग की नाक के नीचे अवैध खनन का काला कारोबार धड़ल्ले जारी हैं।

जबकि स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा कलियर पुलिस को ज्ञापन देकर खनन से लदे वाहनों पर रोक लगाने और उनके रूट बदलने की मांग गई थी लेकिन पुलिस की ओर से भी कोई उचित कार्यवाही नहीं की गईं।

जिसके कारण आज भी खनन से लदे ओवरलोड डंपर कलियर-सोहलपुर मार्ग पर बेखौफ होकर दौड़ रहे हैं। और धूल उड़ाकर उड़ान भर रहे हैं।
डंपरों के परमिट पर भी उठे सवाल? आखिर कौन करेगा कार्यवाही?

उत्तराखंड RTO नियमों के अनुसार, एक सामान्य 10-टायर (10 चक्का) डम्पर में लगभग 16 से 18 टन माल भरा जाता है, लेकिन कलियर में डंपरों में वेल्डिंग कराकर ओवर बॉडी बढ़ाई गई है। जिसके चलते हुए डंपरों में ओवरलोड मिट्टी भरी जाती हैं। वही कुछ डंपर बिना नंबर प्लेट के उड़ान भर रहे हैं।

इसके साथ स्थानीय लोगों ने डंपरों के परमिट पर भी सवाल खड़ा किया हैं। स्थानीय लोग खनन अधिकारी और RTO विभाग पर साठगांठ का आरोप लगा रहे हैं। लोगो का कहना हैं कि अधिकारियों को मिली भगत से अवैध खनन का कारोबार चल रहा हो तो आखिरकार कार्यवाही कौन करेगा? जब रुड़की एआरटीओ से जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन कॉल नहीं उठाई।

