क्लिक उत्तराखंड :-(बुरहान राजपूत) हरिद्वार यूनिवर्सिटी में आयोजित तीन दिवसीय ‘दीक्षारंभ-2026’ कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे, जहां विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व डीजीपी ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों का पाठ पढ़ाते हुए उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
पूर्व डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी ने मंच से कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यही वह दौर है जब युवा अपने व्यक्तित्व, विचार और भविष्य की मजबूत नींव तैयार करता है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के साथ सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग समाज के बेहतर निर्माण में किया जाए। पूर्व डीजीपी ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक साहित्य से जुड़ने की भी प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ धार्मिक एवं प्रेरणादायक पुस्तकों का अध्ययन युवाओं के भीतर सकारात्मक सोच, धैर्य, आत्मअनुशासन और संस्कार विकसित करता है; किताबें केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का मजबूत आधार हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सी.एस.के. गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार, संस्कृति, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को मजबूत बनाता है।
दीक्षारंभ कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और पूर्व डीजीपी के अनुभवों एवं विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष नमन बंसल, पीवीसी डाॅ० आदेश आर्य, निदेशक विपिन सैनी, रजिस्ट्रार लेफ्टिनेंट सुमित चौहान, डॉ. एकता जैन, डॉ. आशुतोष शुक्ला समेत अन्य मौजूद रहे।



