
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) कलियर विधानसभा क्षेत्र के बढ़ेड़ी राजपूतान गांव में “विधायक निधि” से बन रही कब्रिस्तान की चारदीवारी अब केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि सवालों का बड़ा विषय बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये की सरकारी लागत से तैयार हो रही इस चारदीवारी में गुणवत्ता को ताक पर रखकर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत ही इतनी कमजोर है, तो यह दीवार भविष्य में कब तक टिक पाएगी, यह अपने आप में बड़ा सवाल है। ग्रामीणों के मुताबिक निर्माण में मानकों के विपरीत नदी की रेत का उपयोग किया जा रहा है, जबकि दीवार में लगाई जा रही ईंटों की गुणवत्ता भी बेहद खराब है।

आरोप है कि मजबूत और टिकाऊ निर्माण की जगह केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है। इससे सरकारी धन के सही उपयोग पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य खुलेआम चल रहा है, लेकिन इसकी निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह मौन हैं।
कई लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न तो किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और न ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई गई। इससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि कहीं न कहीं इस पूरे मामले में जिम्मेदार विभाग की लापरवाही या मिलीभगत भी हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य को तत्काल रोककर स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही ईंट, सीमेंट और रेत के नमूनों की लैब जांच कराई जाए। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित ठेकेदार के साथ-साथ निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाए। रुड़की बीडीओ सुमन कुटियाल का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी, अगर कार्य मानकों के विपरीत किया जा रहा है तो कार्रवाई की जायेगी।



