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“चर्चित दरोगा” की कुर्सी के नीचे वन तस्करी का बड़ा खेल: घने अंधेरे में साफ हो जाते हैं प्रतिबंधित पेड़ 

मौज मस्ती में "रिल्सबाज" चर्चित विभाग का दरोगा बन जाता हैं अनजान, रिश्वतखोरी, फर्जी रवना समेत कई विवादों से रहा है नाता....(पढ़िए खबर)

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क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) जिले में “चर्चित” कहलवाने का शौक रखने वाले रिश्वतखोर विभागीय वन दरोगा की कुर्सी के नीचे वन तस्करी का बड़ा खेल खेला जा रहा हैं।

अकाल्पनिक फोटो

विभागीय उच्च अधिकारियों को मामले की पूरी रिपोर्ट होने के बावजूद भी उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर पाते। क्योंकि “रिल्सबाज चर्चित विभागीय दरोगा” का विभाग में दबदबा हैं और उसके कई रिश्तेदार भी पूर्व में विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके है।

फाइल फोटो

और साथ ही उसके कई रसूखदारों से भी अच्छे संबंध हैं। जोकि उसके संबंध आए दिन रिल्स के माध्यम से सोशल मीडिया की फिजाओं में तैरते रहते हैं। जिसके कारण विभाग के बड़े अधिकारी “रिल्सबाज” अपने दरोगा पर कोई कार्यवाही नहीं कर पाते।

चर्चित” दरोगा की कुर्सी के नीचे वन तस्करी का बड़ा खेल: प्रतिबंधित पेड़ो पर धड़ल्ले से चल रही कुल्हाड़ी:

फाइल फोटो

जिले में चर्चित कहलवाने और रिश्वतखोर वन दरोगा ने जब से क्षेत्र में चार्ज संभाला हैं। तभी से वन तस्कर क्षेत्र में मौज मस्ती लुटा रहे है। वन तस्कर धड़ल्ले से प्रतिबंधित पेड़ो पर कुल्हाड़ी चला रहे है। लेकिन क्षेत्रीय वन दरोगा कुंभकरण या फिर जानकर भी अंजान बना हुआ हैं।

जबकि वन सुरक्षा दल और विभागीय अधिकारियों की सजगता से वन तस्करी का भंडाफोड़ हो रहा हैं। बताते चलें कि चर्चित कहलवाने वाले वन दरोगा का हाल में ही वन तस्करों के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

इसके साथ ही वन दरोगा पर भगवानपुर में गरीब किसान से 80 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लग चुका है। वही रिश्वतखोर दरोगा पर फर्जी रवना जारी करने का भी आरोप हैं। जिसकी विभागीय स्तर पर जांच जारी हैं।

बुधवार की देर रात हुई कार्यवाही में वन सुरक्षा दल और विभागीय अधिकारी ने अलग-अलग कार्यवाही करते हुए बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पेड़ो की खेप बरामद की हैं। वही विभागीय अधिकारी तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो धड़ल्ले से प्रतिबंधित पेड़ो पर चली कुल्हाड़ी और किस अधिकारी की कितने प्रतिशत मिली भगत हैं। उसका गुना भाग कर रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी जा रही है।

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