
क्लिक उत्तराखंड (बुरहान राजपूत):: मोहर्रम की 9वीं तारीख़ यानी यौम-ए- आशूरा से एक दिन पहले सुन्नी मुस्लिम समाज के अकीदतमंदों की भारी तादाद ताज़ियों के दीदार के लिए उमड़ पड़ी।
इस दौरान लोगों ने अकीदत के साथ ताज़ियों का दीदार किया और शहीद-ए-कर्बला हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की अज़ीम क़ुर्बानी को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया।
शुक्रवार यानी जुम्मा की शाम को आशूरा के दिन ताज़ियों को मुक़ामी तौर पर तैयार की गई कर्बला में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। ज़िले के क़स्बों और देहाती इलाक़ों में ताज़ियों के दीदार के लिए देर रात तक रौनक़ और चहल-पहल का माहौल रहा। रुड़की, पिरान कलियर, बढ़ेड़ी राजपूतान, गढ़ मीरपुर, सलेमपुर, ज्वालापुर समेत कई इलाक़ों में अकीदतमंदों का हुजूम ताज़ियों के दीदार के लिए पहुंचा।
इस मौक़े पर मजालिस का एहतिमाम किया गया, जहां वाक़िया-ए-कर्बला बयान किया गया और शहीदान-ए-कर्बला की याद में ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया गया। अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए दुआएँ कीं।
सैय्यद वासिफ़ हुसैन साबरी ने बताया कि हर साल आशूरा से एक दिन पहले ताज़ियों को दीदार के लिए आम लोगों के सामने रखा जाता है। इसके बाद यौम-ए-आशूरा पर नमाज़-ए-असर के बाद ताज़ियों का जुलूस मुक़ामी कर्बला की जानिब रवाना होगा। जुलूस में शामिल नौहाख़्वानी करते हुए हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करेंगे। बाद अज़ां ताज़ियों को मुक़ामी कर्बला में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।



