
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) रुड़की से मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने चिकित्सा जगत की शुचिता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिन अस्पतालों को मरीजों के लिए ‘मसीहा’ और जीवन बचाने वाला स्थान माना जाता है, वे अब व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता के चलते हिंसक अखाड़े में तब्दील हो चुके हैं।
क्या है पूरा मामला?
रुड़की के दो नामी निजी अस्पतालों के संचालकों के बीच मरीजों को अपने पास लाने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह विवाद तब और गहरा गया जब दोनों पक्षों के बीच सरेआम मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते अस्पताल का शांत वातावरण चीख-पुकार और हिंसा में बदल गया।
सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में कैद हुई यह वारदात इतनी खौफनाक है कि किसी की भी रूह कांप जाए। वीडियो में अस्पताल के कर्मचारी और संचालक एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते नजर आ रहे हैं।

वहीं इस घटना ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि क्या सेवा का संकल्प अब पूरी तरह व्यावसायीकरण की भेंट चढ़ चुका है? जब अस्पताल के रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो मरीज खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा?
लेकिन इस घटना ने चिकित्सा पेशे की नैतिकता को समाज की नजरों में काफी नीचे गिरा दिया है। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि अभी कोई तहरीर नहीं आई हैं। तहरीर आने पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।



