
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) रुड़की में शराब कैंटीन संचालक अमन हत्याकांड में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरे घटनाक्रम की परतें खोलकर रख दीं। हत्या की वजह कोई पुरानी दुश्मनी नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग से उपजी रंजिश सामने आई है। मृतक का आरोपी की बहन से प्रेम प्रसंग था
और शादी के बाद भी दोनों के बीच मेलजोल जारी रहने से खफा भाई ने दोस्तों के साथ मिलकर अमन को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। वारदात के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
क्या था घटनाक्रम?……
22 अगस्त को ढंडेरा निवासी सुभाष चंद्र ने अपने बेटे अमन की गोली मारकर हत्या किए जाने की सूचना पुलिस को दी थी। मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने हत्यारों की तलाश में टीमें दौड़ा दीं।
जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने नगला इमरती और ढंडेरा क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू की।
इसी दौरान पुलिस को आरोपियों के बाइक से क्षेत्र में आने की सूचना मिली। गौतम फार्म हाउस के पास पुलिस ने घेराबंदी की तो बाइक सवार तीन युवकों ने भागने की कोशिश की। पीछा करने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी। पुलिस के मुताबिक गन्ने के खेत के पास बदमाशों ने दोबारा गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में सौरभ ताजपुरिया घायल हो गया।
अंधेरे और बारिश का फायदा उठाकर भागे उसके दोनों साथियों को पुलिस ने घेराबंदी और कांबिंग के बाद दबोच लिया। पूछताछ में सौरभ ताजपुरिया ने पूरी साजिश का खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार सौरभ की बहन और अमन के बीच प्रेम संबंध थे। बहन की शादी हो जाने के बाद भी दोनों का मेलजोल जारी रहा। इसी बात को लेकर सौरभ अमन से खफा था और उसके मन में बदले की आग भड़क रही थी।
21 अगस्त की रात शराब के नशे में साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई गई और ढंडेरा में अमन को निशाना बनाकर गोलियां चला दी गईं। गोली लगने से अमन की मौत हो गई, जबकि उसके साथ स्कूटी पर बैठा दोस्त प्रशांत घायल हो गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, दो खोखे, एक जिंदा कारतूस और बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरभ ताजपुरिया निवासी डिफेंस कॉलोनी रुड़की, अर्पित सैनी निवासी तस्का मंगलौर और दीप यादव निवासी लंढौरा के रूप में हुई है। प्रेम प्रसंग से शुरू हुई कहानी आखिरकार खूनी रंजिश में बदल गई और एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हत्याकांड का खुलासा होने के साथ ही तीनों आरोपी अब सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।
पुलिस टीम….
- कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप बिष्ट
- वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेंद्र राठी
- उप निरीक्षक नवीन चौहान
- उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र
- उपनिरीक्षक चंद्र मोहन
- हेड कांस्टेबल अरविंद
- हेड कांस्टेबल रजत चौधरी
- कांस्टेबल अनिल शर्मा
- कांस्टेबल शूरवीर
- कांस्टेबल मुकेश सैनी
SOG टीम…..
- अपर उप निरीक्षक अश्वनी यादव
- हेड कांस्टेबल मनमोहन भंडारी
- कांस्टेबल महिपाल
- कांस्टेबल अजय काला
- कांस्टेबल राहुल नेगी




