क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) हरिद्वार विश्वविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए चल रहे तीन दिवसीय ‘दीक्षारंभ 2026’ के दूसरे दिन तकनीक और करियर को लेकर कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। छह विशेष सत्रों में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फ्यूचर स्किल्स, कॉरपोरेट संस्कृति और उद्योग की बदलती जरूरतों से रूबरू कराया गया।
TCS, Adobe, SimCorp और IIT रुड़की से जुड़े विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। तकनीकी दक्षता के साथ कम्युनिकेशन, टीमवर्क, प्रोफेशनल एथिक्स, प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप का अनुभव भी करियर में बड़ी भूमिका निभाता है।
सत्र के दौरान Agentic AI को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि आने वाले समय में ऐसे AI सिस्टम तेजी से महत्वपूर्ण होंगे, जो केवल जवाब देने के बजाय स्वयं योजना बनाकर कार्यों को पूरा करने और जटिल समस्याओं का समाधान करने में सक्षम होंगे। विद्यार्थियों को AI, प्रोग्रामिंग, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और समस्या-समाधान जैसे कौशल मजबूत करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में TCS और Adobe के प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय और पांच दिवसीय विशेष तकनीकी कार्यशालाएं आयोजित करने की दिशा में सहयोग का भरोसा दिलाया। वहीं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. विनय सेठी ने सहशिक्षा के वातावरण में पारस्परिक सम्मान और सहयोग को सफलता की अहम कुंजी बताया। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. एकता जैन और डॉ. आशुतोष शुक्ला के मार्गदर्शन में फन एवं इंटरैक्टिव गतिविधियां हुईं, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।



