सिर पर मेहंदी-डोरी की थाल, जुबां पर अल्लाह हू अकबर की सदाओं के साथ साबिर पाक के सालाना उर्स का आगाज:
भारी भीड़ और कड़ी सुरक्षा के बीच सज्जादानशीन ने सैकड़ों अकीदतमंदो के साथ अदा की मेंहदी-डोरी की रस्म......(देखिए वीडियो)

क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) पिरान कलियर की फिजाओं में शुक्रवार को रूहानियत का ऐसा रंग घुला कि हर तरफ अकीदत की खुशबू और इश्क-ए-साबिर की कैफियत दूर-दूर तक नजर आई।
विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक के सालाना उर्स का आगाज मेहंदी-डोरी की रस्म के साथ हो गया।
सिर पर सजी मेहंदी-डोरी की थाल और लबों से उठती ‘अल्लाह हू अकबर’ की सदाओं ने पूरे माहौल को सूफियाना रंग में रंग दिया।
दरगाह के सज्जादानशीन शाह अली एजाज कुद्दूसु साबरी ने सैकड़ों अकीदतमंदों के साथ मेहंदी-डोरी की रस्म अदा की।
जैसे-जैसे जुलूस आगे बढ़ा, अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ती गई और कलियर की गलियां सलाम, जिक्र और तकबीर की सदाओं से गूंज उठीं। किसी की आंखों में खुशी थी तो किसी के दिल में मन्नतों की उम्मीद।
कोई दूर-दराज से चलकर आया था, तो कोई बरसों से साबिर पाक की चौखट पर हाजिरी लगाने की तमन्ना दिल में लिए पहुंचा।
हर चेहरे पर अकीदत और हर कदम में मोहब्बत का एहसास साफ नजर आया। मेहंदी-डोरी की यह रस्म महज एक परंपरा नहीं, बल्कि अकीदतमंदों के लिए रूहानी जुड़ाव और साबिर पाक की चौखट से मोहब्बत का प्रतीक बनी नजर आई। भारी भीड़ के बीच पुलिस-प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात रहा और भीड़ की हर गतिविधि पर निगरानी रखी गई। वही भारी भीड़ को देखते हुए खुफिया तंत्र भी सक्रिय रहा। वही दूर-दराज से पहुंचे जायरीन ने दरगाह में हाजिरी लगाकर मुल्क में अमन, खुशहाली और भाईचारे की दुआएं मांगीं। रस्म के दौरान शाह यावर मियां, शाह खालिक मियां, शाह यासिर मियां, सज्जादा प्रतिनिधि शाह सुहैल, नोमी मियां, मुनव्वर साबरी, सूफी राशिद, सूफी,आमिर खान समेत अन्य अकीदतमंद मौजूद रहे।




