क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) नेशनल इंटर कॉलेज, धनौरी की भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण से जुड़े मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। अदालत ने मामले के तथ्यों पर कोई टिप्पणी किए बिना विवाद के निस्तारण के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाने के निर्देश देते हुए हरिद्वार जिलाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी हैं।
मंगलवार को मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार से सहायता प्राप्त नेशनल इंटर कॉलेज, धनौरी की भूमि का कथित रूप से बिना वैधानिक अनुमति हस्तांतरण किया गया। इस मामले में कॉलेज के प्रबंधक आदेश कुमार एवं प्रबंध समिति की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान की भूमि सार्वजनिक हित से जुड़ा विषय है। इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और सक्षम प्राधिकारी द्वारा कानून के अनुरूप निर्णय आवश्यक है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, वर्ष 2022 में पुलिस स्टेशन कलियर शरीफ में एक एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच चल रही है।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता दो सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी हरिद्वार के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करता है, तो जिलाधिकारी उस पर छह माह के भीतर विधि के अनुसार निर्णय लेंगे। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्णय लेने से पहले जिन पक्षों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं, उन्हें प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।



