
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) सरकार मासूमों के पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन रुड़की ब्लॉक के बढ़ेड़ी राजपूतान की आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 01 और 02 के बाहर का नजारा इन दावों को आईना दिखा रहा है।
आंगनवाड़ी केंद्र के सामने झाड़ियां उगी हैं और कूड़े का ढेर व्यवस्था का मुंह चिढ़ा रहा है। सवाल सीधा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को सफाई तभी याद आएगी, जब किसी मासूम के सामने जहरीला सांप या बिच्छू निकल आएगा?
क्योंकि आंगनवाड़ी केंद्रों की देखरेख और बच्चों से जुड़ी सेवाओं की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग के बाल विकास परियोजना (ICDS) के अधीन है। इसके बावजूद केंद्र के आसपास सफाई व्यवस्था की यह तस्वीर विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े कर रही है।
जिस जगह बच्चों की किलकारियां गूंजनी चाहिए, वहां झाड़ियों और कूड़े ने डेरा जमा रखा है। यही झाड़ियां और कूड़े के ढेर जहरीले जीवों के छिपने की संभावित जगह बनते जा रहे हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों को डर है कि बच्चों के केंद्र पर आने-जाने के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो जाए।
विडंबना देखिए! जहां पाठशाला लगाकर मासूमों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जाता है और उनके ही केंद्र के बाहर गंदगी का ‘प्रैक्टिकल’ कराया जा रहा है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण देने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, उन्हीं की निगरानी पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि झाड़ियों की कटाई और कूड़े के निस्तारण के लिए कई बार ध्यान दिलाने की जरूरत पड़ती है। सफाई की जिम्मेदारी में ग्राम पंचायत की भूमिका भी है। इसके बावजूद केंद्रों के आसपास बदहाल स्थिति बनी रहना व्यवस्था की गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। ग्राम प्रधान सुरुचि सैनी ने बताया कि संबंधित विभाग को शिकायत कर अवगत कराया जा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों के सामने कूड़ा डालने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई अमल में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।



