
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के बीच शुक्रवार को ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में नहाने गए चंडीगढ़ के चार किशोर कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई। चंद सेकंड में एक दोस्त को बचाने की कोशिश चार परिवारों के लिए जिंदगीभर का गम बन गई।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ से करीब 20 कांवड़ियों का जत्था गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचा था। हरकी पैड़ी से जल भरने के बाद अधिकांश साथी वापस लौट चुके थे, लेकिन कुछ युवक जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान करने लगे। इसी दौरान एक किशोर अचानक गहरे गड्ढे में फंसकर डूबने लगा। उसे बचाने के लिए तीन अन्य साथी बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में कूद पड़े, लेकिन गहराई, तेज बहाव और नीचे जमी सिल्ट ने चारों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते चारों आंखों के सामने पानी में समा गए।![]()
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही ज्वालापुर पुलिस, जल पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। गंगनहर में पानी का स्तर कम होने के कारण तलाशी अभियान तेज़ी से चलाया गया, लेकिन चारों को जीवित नहीं बचाया जा सका। कुछ समय बाद चारों के शव बरामद कर जिला अस्पताल भेज दिए गए।
हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और साथी कांवड़िए साहिल ने बताया कि उसने एक युवक की जान बचा ली थी, लेकिन अपने ही भाई समेत चार साथियों को नहीं बचा सका। उसकी आंखों के सामने उसके दोस्त और भाई गहरे गड्ढे में धंसते चले गए। यह मंजर देखकर वहां मौजूद लोग भी सन्न रह गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गंगनहर में पानी कम होने के कारण कई श्रद्धालु बीच धारा तक चले गए थे। उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि नीचे गहरे गड्ढे और सिल्ट मौजूद है। एक युवक के फंसते ही बाकी साथी उसे बचाने पहुंचे और सभी एक-एक कर मौत के मुंह में समा गए।

एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। उन्होंने कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें तथा किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित या असुरक्षित स्थानों पर पानी में न उतरें।



