
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) नीट का रिजल्ट सिर्फ रैंक और अंकों की कहानी नहीं होता। इसके पीछे महीनों की मेहनत, अधूरी रातें, परिवार का भरोसा और खुद पर विश्वास छिपा होता है। इस बार पिरान कलियर की होनहार नेहा ने शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल जरूर मिलती है।

“कहते हैं कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके हौसलों में उड़ान बाकी होती है” पिरान कलियर की होनहार बेटी नेहा ने इस कहावत को सच साबित करते हुए दो बार असफल होने के बावजूद हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में नीट (NEET) परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर ऑल इंडिया रैंक 2042 हासिल की।
नेहा ने परीक्षा में 642 अंक प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। डॉक्टर बनने का सपना संजोए नेहा ने अपनी तैयारी के लिए दिल्ली में रहकर कठिन परिश्रम किया। लगातार दो बार परीक्षा में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने आत्मविश्वास नहीं खोया।

हर असफलता को अपनी ताकत बनाकर उन्होंने पहले से अधिक मेहनत की और आखिरकार देशभर में उत्कृष्ट रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया। नेहा के पिता लकड़ी के व्यवसाय से जुड़े हैं। उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई और सपनों को पूरा करने के लिए हरसंभव सहयोग किया। परिवार में शिक्षा का अच्छा माहौल है। उनके चाचा एक निजी विद्यालय का संचालन करते हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी शिक्षा के महत्व को समझते हैं। यही वजह रही कि नेहा को हर कदम पर प्रोत्साहन और मार्गदर्शन मिलता रहा।
नेहा की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय विधायक फुरकान अहमद ने उनके आवास पहुंचकर पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।


