
क्लिक उत्तराखंड:-(ब्यूरो) परशुराम भवन और बीएसएम शिक्षण संस्थान की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। 29 अक्टूबर से धरने पर बैठे ब्राह्मण समाज के लोगों के आरोपों के बाद अब बीएसएम संस्थान के पदाधिकारियों ने भी अपना पक्ष सामने रखते हुए पलटवार किया है।
बीएसएम लॉ कॉलेज में आयोजित पत्रकार वार्ता में संस्था के सचिव रजनीश कुमार शर्मा और अध्यक्ष ममतेश शर्मा ने धरनारत लोगों पर संस्थान को बदनाम करने और दबाव बनाकर आर्थिक लाभ लेने की कोशिश करने के आरोप लगाए। सचिव रजनीश कुमार शर्मा ने कहा कि संस्थान के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें की गई हैं। अलग-अलग मामलों में करीब 25 बार जांच हो चुकी है, लेकिन किसी भी जांच में संस्थान के स्तर पर कोई खामी सामने नहीं आई।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बेवजह विवाद खड़ा कर संस्थान की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। संस्थान से पैसों की मांग किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने धरनारत लोगों को ब्लैकमेलर तक करार दिया। पदाधिकारियों ने कहा कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देकर अपना हित साधने में लगे हैं। आरोप लगाने से किसी संस्था की प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता। उन्होंने कहा कि शहर की जनता संस्थान की कार्यप्रणाली और वास्तविक स्थिति से परिचित है।
संगठन के पदाधिकारी होने के दावे पर भी उठाए सवाल….
पत्रकार वार्ता के दौरान धरने पर बैठे कुछ लोगों के भारतीय ब्राह्मण समाज का पदाधिकारी होने के दावे पर भी सवाल उठाए गए। रजनीश कुमार शर्मा ने कहा कि भारतीय ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष अजय कौशिक हैं और वह स्वयं पत्रकार वार्ता में मौजूद हैं। ऐसे में कुछ लोगों की ओर से संगठन का पदाधिकारी होने का दावा किया जाना उचित नहीं है।
समाज ने लगाया संपत्ति पर कब्जे का आरोप…
गौरतलब है कि परशुराम भवन को लेकर ब्राह्मण समाज के लोगों का धरना 29 अक्टूबर से जारी है। धरनारत लोगों का कहना है कि बीएसएम शिक्षण संस्थान और परशुराम भवन ब्राह्मण समाज की संपत्ति हैं, लेकिन कुछ लोगों ने उन पर कब्जा कर निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। समाज के लोग संपत्ति पर अपना अधिकार दिलाने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। एक ओर धरनारत लोग संपत्ति पर समाज के अधिकार का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संस्थान के पदाधिकारी इन आरोपों को खारिज करते हुए धरनारत लोगों की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद ने शहर में इस मामले को चर्चा का विषय बना दिया है। पत्रकार वार्ता में जेपी शर्मा, वासुदेव पंत, भारतीय ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष अजय कौशिक, संजीव शर्मा, राजीव भारद्वाज, विनय शर्मा, ममता और विकास धीमान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



