
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) दरगाह साबिर पाक के 758 वें सालाना उर्स का समापन गुसल शरीफ की रस्म के साथ हो गया हैं। उर्स में शामिल होने के लिए कलियर पहुंचे अकीदतमंद जायरीनों ने गुसल शरीफ की अहम रस्म के दौरान साबिर पाक की दरगाह को गुलाब जल, केवड़ा और इत्र से नहलाया।
इस दौरान गुसल का पानी लेने के लिए अकीदतमंद जायरीन बोतल, गिलास और कोटरे लिए साबिर पाक के दरबार में खड़े रहे। वही गुलाब जल की खुशबू से दरगाह परिसर महक उठा। दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स की सभी मुख्य रस्में सकुशल संपन्न हो गई हैं।
शुक्रवार को उर्स की अहम रस्म गूसल शरीफ दरगाह परिसर में मनाई गई। इस दौरान सज्जादानशीन शाह अली एजाज कुद्दुशी साबरी ने गुस्ल शरीफ की रस्म अदा कराई। उर्स में देश विदेश से आए जायरीनों ने यह रस्म अदा की।
रस्म अदायगी के दौरान सबसे पहले मजार शरीफ में संदल पेश किया गया। इसके बाद बाहर से आए जायरीनों ने दरगाह परिसर को इत्र, गुलाब जल, केवड़ा से नहलाया, जिसकी खुश्बू से दरगाह परिसर महक उठा।
वही उर्स में शामिल होने आए अकीदतमंद जायरीनों के कपड़े भी गीले हो गए। गुसल शरीफ का पानी पाने के लिए अकीदतमंद जायरीनों उसको बोतल, शीशी,गिलास,कोटरो में भरा।
वही जायरिनों ने साबिर पाक में हाजिरी लगाकर दोबारा जल्द आने की दुआएं मांगी। रूहानियत का फैज हासिल कर नम आंखों के साथ अकीदतमंद जायरीन वापस अपने अपने गंतव्य को लौट गए।



