
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) रुड़की सीडीपीओ वर्षा शर्मा के स्थानांतरण को लेकर नैनीताल हाइकोर्ट में मामले में सुनवाई हुई। जहां पर कोर्ट ने सीडीपीओ वर्षा शर्मा के तबादले पर अंतरिम रोक लगा दी है।
इसके साथ ही कोर्ट ने कार्यक्रम अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए सरकार से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। वही मामले की अगली सुनवाई अब छह सप्ताह बाद होगी।
क्या था मामला?

मामले के अनुसार, 5 दिसंबर 2025 को विभाग ने रुड़की सीडीपीओ वर्षा शर्मा को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था. यह नोटिस एक कथिक वायरल ऑडियो के आधार पर था, जिसमें पोषण योजना में अनियमितता और अवैध वसूली के आरोप लगाए गए थे।
मामला चर्चित होने के चलते और जांच के बीच विभागीय अधिकारी निर्देशक द्वारा सीडीपीओ वर्षा शर्मा का स्थानांतरण रुड़की से चमोली जिले के थराली कर दिया गया था।
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में रखा पक्ष….
हाईकोर्ट नैनीताल के न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकल पीठ में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि वर्षा शर्मा ने अपने वरिष्ठ अधिकारी (कार्यक्रम अधिकारी) के खिलाफ ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम’ के तहत शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप है कि इस शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय, विभाग ने उन्हें “जांच प्रभावित करने” के बहाने से रुड़की से हटा दिया. वकील ने दलील दी कि बिना किसी प्रतिकूल रिपोर्ट या लंबित विभागीय जांच के यह तबादला आदेश मनमाना है।
अदालत ने याचिकाकर्ता के तर्कों को गंभीरता से लेते हुए 15 जनवरी 2026 के स्थानांतरण आदेश के क्रियान्वयन और संचालन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कार्यक्रम अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए सरकार से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई अब छह सप्ताह बाद होगी।




