
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) विश्व विख्यात दरगाह साबिर पाक में नौचंदी जुमेरात पर कलियर में जायरीनों का जन-सैलाब उमड़ पड़ा। जायरीनों की भीड़ के बीच में सूफियों के भेष बनाकर घूमने वाले बहुरूपियों ने जमकर चांदी काटी।
लेकिन उन बहुरूपियों को सुरक्षा में तैनात पीआरडी जवानों और दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे का कोई खौफ दिखाई नहीं दिया। जिसके चलते नौचंदी जुमेरात पर अकीदतमंद जायरीनों से हाजिरी के नाम पर शगुन (हाजिरी की सेवा) मांगी गई और जमकर जेब गर्म की गई।
लेकिन वही दरगाह ड्यूटी पर तैनात दरगाह कर्मचारी विवश नजर आए। और उनके द्वारा भी कोई विरोध नहीं किया गया। फर्जी खादिमों के तांडव के चलते हुए उनके हौसले ध्वस्त होते हुए नहीं नजर आ रहे हैं।
दरगाह में फर्जी खादिमों ने तोड़ा प्रशासनिक चक्रव्यूह….

कलियर वक्फ दरगाहो की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी वर्तमान तहसीलदार/प्रबंधक विकास अवस्थी के हाथों में है। अकीदतमंद लोगों को उम्मीदें थी, कि प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों में दरगाह प्रबंधक की कमान होने के चलते हुए फर्जी खादिमों पर ब्रेक लगा पाएगा। लेकिन हुआ उसके विपरीत, फर्जी खादिमों ने प्रशासनिक अधिकारी का चक्रव्यूह को तोड़ते हुए नौचंदी जुमेरात पर जमकर चांदी काटी।
“ऑपरेशन कालनेमि अभियान” फर्जी खादिमों पर क्यों पड़ रहा हैं फीका?, सवाल बरकरार? आखिर कौन करेगा कार्यवाही? 
वही अगर बात की जाए आस्था की तो प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश पर “ऑपरेशन कालनेमि अभियान” चलाया जा रहा हैं। अभियान के तहत उन बहुरूपियों को चिन्हित कर कार्यवाही की जा रही है।

जो धर्म की आड में भोले-भाले आस्थावान (अकीदतमंद) लोगों से धन वसूलते हैं। लेकिन कलियर में फर्जी खादिमों पर ऑपरेशन कालनेमि फीका पड़ता नजर आ रहा हैं। इन फर्जी खादिमों के खिलाफ ना तो दरगाह प्रबंधन तंत्र कोई कठोर कार्यवाही करता हैं और वही पुलिस भी फर्जी खादिमों पर कार्यवाही करने से पीछे हाथ खींच लेती हैं।

क्योंकि दरगाह की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दरगाह प्रबंधन की होती है। ऐसे में सवाल खड़े होते है? कि इन फर्जी खादिमों (बहुरूपियों) पर आखिकार कौन कार्यवाही करेगा? या फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ऑपरेशन कालनेमि अभियान ऐसे ही कलियर में दम तोड़ देगा?



