
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) साइबर अपराध के बढ़ते खतरे के बीच हरिद्वार विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
विश्वविद्यालय और क्लाउड सिक्योरिटी एलायंस (CSA) उत्तराखंड चैप्टर के बीच शुक्रवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए।
इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए साइबर सुरक्षा, क्लाउड सिक्योरिटी और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं इंडस्ट्री एक्सपोजर के नए रास्ते खुल गए हैं।
समझौते के तहत साइबर सुरक्षा, क्लाउड सिक्योरिटी, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और इंडस्ट्री इंटरैक्शन के जरिए विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं रोजगारपरक कौशल दिया जाएगा।
कार्यक्रम में CSA चैप्टर लीडर सत्यम रस्तोगी ने साइबर क्षेत्र में करियर की संभावनाओं की जानकारी दी। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ नवनीत बिजलवान ने हैकिंग और साइबर हमलों पर इंटरैक्टिव सत्र लेकर विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा की बारीकियां समझाईं।
विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) आदेश कुमार आर्या ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि उद्योग विशेषज्ञों के साथ इस तरह के समझौते विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा से आगे बढ़कर व्यावहारिक और रोजगारपरक कौशल हासिल करने का अवसर देते हैं।
CSA के साथ हुआ एमओयू विद्यार्थियों के कौशल विकास और भविष्य के करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित होगा। इस दौरान रजिस्ट्रार लेफ्टिनेंट सुमित चौहान, ओएसडी अभिनव भटनागर, डॉ. हिमांशु वर्मा, डॉ. रोहित कुमार, मृणालिनी सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।



