
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) पिरान कलियर उर्स/मेले में भीड़ के बीच परिजनों से बिछड़े 23 बच्चों को कलियर पुलिस और स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम ने सुरक्षित उनके परिवारों से मिला दिया। क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट सेफ्टी टैग व्यवस्था बच्चों की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क स्थापित करने में कारगर साबित हुई।
दरगाह साबिर पाक के उर्स/मेले में बड़ी संख्या में जायरीन और श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण भीड़ का दबाव रहता है।
ऐसे में बच्चों के परिजनों से बिछड़ने की आशंका को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के निर्देशन और सीओ भगवानपुर सुमित पांडेय के पर्यवेक्षण में विशेष व्यवस्था की गई।
पुलिस ने नेक्सोरा टेक्नोलॉजी की स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम के सहयोग से क्यूआर कोड आधारित टैग व्यवस्था लागू की। पुलिस और टीम के सामने जब भी कोई बिछड़ा बच्चा पहुंचा, तो टैग को स्कैन कर उसकी पहचान और परिजनों से संपर्क करने में मदद मिली। इसके बाद बच्चों को सुरक्षित उनके माता-पिता और अभिभावकों के सुपुर्द किया गया। इस व्यवस्था के तहत कुल 23 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के अनुसार बड़े धार्मिक आयोजनों, कुंभ, तीर्थयात्राओं, पर्यटन स्थलों, मंदिरों और दरगाह परिसरों के साथ ही स्कूल यात्राओं व अन्य भीड़भाड़ वाले आयोजनों में स्मार्ट सेफ्टी टैग उपयोगी साबित हो सकता है। इससे खोया-पाया केंद्र और पुलिस हेल्प डेस्क की व्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
बच्चों के सकुशल मिलने पर परिजनों ने हरिद्वार पुलिस और स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम का आभार जताया। इस पहल की सफलता और जनसेवा के प्रयासों की सराहना करते हुए एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।



