
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) हर सफलता के पीछे छिपी मेहनत, संघर्ष और सपनों को जब मंच पर सम्मान मिलता है, तो वह पल केवल एक विद्यार्थी का नहीं बल्कि पूरे समाज का उत्सव बन जाता है।ऐसा ही प्रेरणादायी और भावनात्मक माहौल गुरुवार को हरिद्वार विश्वविद्यालय में आयोजित ‘भविष्य ज्योति 2026’ समारोह में देखने को मिला, जहां विभिन्न शिक्षा बोर्डों के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य का अभिनंदन किया गया।

समारोह में जैसे ही होनहार विद्यार्थियों के नाम पुकारे गए और उन्हें मेडल व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मंच पर सम्मान पाते विद्यार्थियों के चेहरे आत्मविश्वास से दमक रहे थे, जबकि अभिभावकों की आंखों में गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। यह केवल पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सपनों, संघर्षों और उपलब्धियों का उत्सव बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और रुड़की महापौर अनीता अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। सरस्वती वंदना के साथ शुरू हुए समारोह ने शिक्षा, संस्कार और सफलता के अद्भुत संगम का संदेश दिया।

अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि युवा शक्ति ही विकसित भारत की वास्तविक ताकत है। आज सम्मानित हो रहे विद्यार्थी आने वाले समय में देश और प्रदेश की प्रगति के वाहक बनेंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिभा का सम्मान समाज को आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
महापौर अनीता अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थी केवल अपने परिवार का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का भविष्य होते हैं। ऐसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्टता की भावना को मजबूत करते हैं।

हरिद्वार विश्वविद्यालय के चेयरमैन एस. के. गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तित्वों का निर्माण करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दें। उन्होंने कहा कि ‘भविष्य ज्योति’ केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को नई उड़ान देने का अभियान है।
समारोह में शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष नमन बंसल, पीवीसी डाॅ० आदेश आर्य, डाॅ० एकता जैन, एडमिशन मैनेजर जितेन्द्र चैधरी, रजिस्ट्रार सुमित चौहान, ओएसडी अभिनव भटनागर, डाॅ० आशुतोष शुक्ला समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शिक्षक इस अवसर के साक्षी बने।



