
क्लिक उत्तराखंड:-(ब्यूरो) देहरादून के सहसपुर क्षेत्र में शनिवार को पानी के विवाद ने ऐसा खूनी मोड़ लिया कि पूरा इलाका हिंसा की आग में झुलस उठा। बैरागीवाला गांव में सरकारी ट्यूबवेल से पानी लेने को लेकर शुरू हुआ।
विवाद देखते ही देखते सांप्रदायिक तनाव और खूनी संघर्ष में बदल गया। इस हिंसक हमले में भाजपा कार्यकर्ता विनोद कश्यप (43) की मौत हो गई, जबकि उसके दो सगे भाई राजेश और अशोक गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
आरोप है कि विवाद की सूचना मिलते ही रज्जाक, अमन, यूनूस, अनीस समेत 20 से 25 लोग मौके पर पहुंचे और तीनों भाइयों पर धारदार हथियारों व हथौड़ों से हमला बोल दिया। हमले में लहूलुहान हुए विनोद को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से ही गहरी रंजिश चल रही थी। बताया जा रहा है कि विनोद कश्यप और उसके भाइयों ने पूर्व प्रधान के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को लेकर कई बार आरटीआई दाखिल की थी। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था, जो शनिवार को खूनी संघर्ष में बदल गया।
भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीण और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रेमनगर-पांवटा पुराने हाईवे पर घंटों जाम लगा रहा। जिसके बाद पुलिस को हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा. वही गुस्साई भीड़ ने आरोपी पक्ष के घर को घेर लिया और पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की तक हो गई।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब हंगामे के बीच पास के क्षेत्र से अराजक तत्वों द्वारा बोतलें-ईंटें फेंके जाने की बात सामने आई। इससे भीड़ और उग्र हो गई और माहौल बेकाबू होने लगा। हालांकि पुलिस बल ने किसी तरह हालात को काबू में किया और बड़े टकराव को टाल दिया।
उधर बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं ने भी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके घरों पर बुल्डोजर कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सहसपुर, प्रेमनगर, विकासनगर समेत कई थानों की पुलिस और अतिरिक्त फोर्स को मौके पर तैनात किया गया।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि तीन नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। फिलहाल बैरागीवाला गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है। तनाव बरकरार है और प्रशासन हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए हुए है। एक मामूली पानी के विवाद ने जिस तरह एक जान ले ली और पूरे क्षेत्र को हिंसा की आग में झोंक दिया, उसने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


