
क्लिक उत्तराखंड:-(ब्यूरो) रुड़की क्षेत्र में पोषाहार वितरण से जुड़ी अनियमितताओं पर पर्दा डालने की एवज में अवैध वसूली के कथित ऑडियो वायरल होने की जांच के बीच रुड़की सीडीपीओ वर्षा शर्मा का स्थानांतरण कर दिया गया है।
निर्देशालय की ओर से उन्हें हरिद्वार जनपद से हटाकर चमोली जिले के थराली भेजा गया है। विभागीय निर्देशक बंशी लाल राणा के आदेश के अनुसार यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि चल रही जांच किसी भी तरह से प्रभावित न हो और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके।

हाल ही में एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें पोषाहार व्यवस्था से जुड़ी बातचीत होने का दावा किया गया था।
वायरल ऑडियो में पोषाहार अनियमिताओं पर कार्यवाही के नाम पर अवैध वसूली की बातचीत रिकॉर्ड की गई थी। जिसमें कार्यवाही ना करने की एवज में पैसे की डिमांड की गई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और विभागीय स्तर पर जांच तेज कर दी गई थी।

और विभागीय अधिकारियों ने रुड़की सीडीपीओ वर्षा शर्मा से स्पष्टीकरण मांगते हुए जवाब तलब किया था। वही रुड़की में तैनात सीडीपीओ के पद पर वर्षा शर्मा के बने रहने से जांच प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्देशालय ने स्थानांतरण का फैसला लिया। और रुड़की सीडीपीओ वर्षा शर्मा को जांच प्रभावित होने के दृष्टिगत उनका ट्रांसफर चमोली जिले के थराली में कर दिया गया।
ट्रान्सफर होने के बाद भी कई अहम सवाल?

कथिक ऑडियो वायरल प्रकरण की जांच के बीच सीडीपीओ वर्षा शर्मा के स्थानांतरण से कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल यह है कि आखिर आरोपों में घिरी सीडीपीओ को नवीन तैनाती क्यों दी गई। जबकि विभागीय जांच जारी हैं।

अगर विभागीय अधिकारियों को लगता हैं कि जांच प्रभावित हो सकती हैं। तो सीडीपीओ को विभाग से अटैच किया जा सकता था। या फिर निलंबित की कार्यवाही अमल में लाई जा सकती थी? लेकिन ऐसा नहीं किया। वही सीडीपीओ वर्षा शर्मा का ट्रान्सफर विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ हैं।



