
क्लिक उत्तराखंड:-(बुरहान राजपूत) हरिद्वार जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत मंगलौर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खातों से रकम उड़ाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।

गांव-देहात की महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाकर ठगी करने वाला यह शातिर गैंग उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लंबे समय से सक्रिय था। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से विभिन्न बैंकों के 12 एटीएम कार्ड और ₹10,710 नगद बरामद किए हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली मंगलौर क्षेत्र निवासी पीड़िता मुकेश पत्नी रमन निवासी मुण्डलाना द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि अज्ञात बदमाशों ने उनका एटीएम कार्ड बदलकर खाते से करीब 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल घटना के खुलासे के निर्देश दिए।

प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जबरदस्त मेहनत करते हुए हरिद्वार, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर समेत कई जिलों में ताबड़तोड़ दबिश दी। वरिष्ठ उपनिरीक्षक नितिन विष्ट की अगुवाई में पुलिस टीम ने करीब 356 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और पुराने एटीएम फ्रॉड अपराधियों का सत्यापन किया। आखिरकार मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने आरोपी संजय पुत्र अमर निवासी चांदपुर थाना बड़गांव जनपद सहारनपुर को दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि गिरोह हरिद्वार, देहरादून और मुजफ्फरनगर क्षेत्रों में सक्रिय था। गैंग के सदस्य एटीएम मशीन खराब होने का झांसा देकर लोगों के कार्ड बदल लेते थे और बाद में खातों से रकम निकाल लेते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इंस्टाग्राम के जरिए गैंग की प्लानिंग करते थे और पहचान छिपाने के लिए अपने नाम पर सिम कार्ड तक इस्तेमाल नहीं करते थे। वारदात के लिए रविवार का दिन खास तौर पर चुना जाता था ताकि भीड़भाड़ और लोगों की लापरवाही का फायदा उठाया जा सके।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ सहारनपुर और साइबर थानों में धोखाधड़ी, चोरी और आईटी एक्ट से जुड़े कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नितिन विष्ट, हेड कांस्टेबल अमित शर्मा, कांस्टेबल उत्तम, कांस्टेबल रणवीर, कांस्टेबल विनोद, कांस्टेबल महिपाल तथा सीआईयू रुड़की की टीम शामिल रही।



